UPPSC : स्टाफ नर्स परीक्षा में अभ्यर्थियों से अधिक पद, कोई स्पर्धा नहीं, 180 पदों पर होगी भर्ती
प्रारंभिक परीक्षा में शामिल केवल दो फीसदी अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। स्टाफ नर्स आयुर्वेद प्रारंभिक परीक्षा आठ सितंबर 2024 को लखनऊ के 20 केंद्रों में आयोजित की गई थी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने बुधवार को स्टाफ नर्स आयुर्वेद (पुरुष/महिला) प्रारंभिक परीक्षा-2023 का परिणाम घोषित कर दिया। स्टाफ नर्स के 180 पदों के मुकाबले कुल 97 अभ्यर्थियों को ही सफल घोषित किया गया है, जो मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसे में मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों के बीच अब कोई स्पर्धा नहीं रह गई है।
प्रारंभिक परीक्षा में शामिल केवल दो फीसदी अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। स्टाफ नर्स आयुर्वेद प्रारंभिक परीक्षा आठ सितंबर 2024 को लखनऊ के 20 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इसके लिए 9387 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4248 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने बुधवार को जो परिणाम घोषित किया, वह चौंकाने वाला है।
स्टाफ नर्स के 180 पदों में से महिला वर्ग के 162 पदों के मुकाबले 89 अभ्यर्थियों और पुरुष वर्ग के 18 पदों के मुकाबले आठ अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार न्यूनतम अर्हता अंक धारित करने वाले अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि प्रारंभिक परीक्षा में शामिल 98 फीसदी अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक भी प्राप्त नहीं कर सके।
सचिव के अनुसार परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। परीक्षा का परिणाम उच्च न्यायालय में दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर पारित किए जाने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। परीक्षा का परिणाम पूर्णतया औपबंधिक है। परीक्षा से संबंधित प्राप्तांक और श्रेणीवार कटऑफ अंक अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद आयेाग की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे। मुख्य परीक्षा की सूचना अलग से जारी की जाएगी।
परीक्षा से पहले घटा दिए गए 120 पद
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स आयुर्वेद के 300 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। लेकिन, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आयोग ने छह सितंबर 2024 को शुद्धि पत्र जारी करते हुए पदाें की संख्या घटाकर 180 कर दी, जिसमें 162 पद महिला वर्ग और 18 पद पुरुर्ष वर्ग के बाकी रह गए। आयोग की ओर से बताया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल याचिका पर पारित आदेश के तहत 11 अक्तूबर 2023 के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई, जिसके क्रम में शासन ने 180 रिक्तियों का संशोधित अधियाचन आयोग को प्रेषित करते हुए चयन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने की अपेक्षा की। इसी वजह से पदाें की संख्या घटाकर 180 की गई।