UPPSC LT Grade : अभ्यर्थन वापसी के बाद दूसरी लिस्ट से होगा चयन, कई विषयों के 300 से अधिक पद हैं खाली
अभिलेख सत्यापन न कराने वाले अभ्यर्थियाें की संख्या सैकड़ों में हैं, लेकिन अभ्यर्थन वापसी के लिए अब तक बहुत कम प्रार्थना पत्र आए हैं। आयोग के सूत्रों का कहना है कि इनकी संख्या 50 से भी कम है। इसीलिए अभ्यर्थन वापसी के लिए प्रार्थना पत्र लेने की तिथि दो बार बढ़ानी पड़ी है।
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 के तहत बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अभिलेख सत्यापन में भागीदारी नहीं की। ऐसे में अभ्यर्थियों से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने अभ्यर्थन वापसी के लिए प्रार्थना पत्र मांगे हैं। इसकी अंतिम तिथि 31 मई है। इसके बाद दूसरी लिस्ट से मेरिट में नीचे रह गए अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा।
अभिलेख सत्यापन न कराने वाले अभ्यर्थियाें की संख्या सैकड़ों में हैं, लेकिन अभ्यर्थन वापसी के लिए अब तक बहुत कम प्रार्थना पत्र आए हैं। आयोग के सूत्रों का कहना है कि इनकी संख्या 50 से भी कम है। इसीलिए अभ्यर्थन वापसी के लिए प्रार्थना पत्र लेने की तिथि दो बार बढ़ानी पड़ी है। 12 अप्रैल से प्रार्थना पत्र लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पहले चार मई अंतिम तिथि थी। इसके बाद तिथि बढ़ाकर 15 मई और फिर 31 मई की गई।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का विज्ञापन मार्च 2018 में जारी किया गया था। 15 विषयाें में एलटी ग्रेड शिक्षक के 10768 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें से आयोग ने तकरीबन साढ़े सात हजार पदों पर अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था। कंप्यूटर, विज्ञान, गणित जैसे विषयों में तो भर्ती के लिए अभ्यर्थी ही नहीं मिलने से बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं।
अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान में सीटों की संख्या काफी अधिक थी। एलटी ग्रेड हिंदी के 1433, अंग्रेजी के 1320 और एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान के 1854 पद थे। इनमें से तकरीबन सभी सीटें भर गईं थी, लेकिन अभिलेख सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नहीं पहुंचे।
अभिलेख सत्यापन न होने के कारण इन तीन विषयों में 300 से अधिक सीटें खाली रह गईं हैं। वहीं, गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत जैसे विषयों में भी अभिलेख सत्यापन न कराने के कारण कुछ सीटें खाली हैं। आयोग अपनी भर्ती परीक्षाओं में प्रतीक्षा सूची जारी नहीं करता है। इसी वजह से आयोग ने उन अभ्यर्थियों से अभ्यर्थन वापसी के लिए प्रार्थना पत्र मांगे हैं, जो अभिलेख सत्यापन में शामिल नहीं हुए।
परीक्षा में चयनित जो अभ्यर्थी ज्वाइन नहीं करना चाहते हैं और अभ्यर्थन वापसी के लिए प्रार्थना पत्र देते हुए हैं, उनकी जगह द्वितीय सूची से मेरिट में नीचे रह गए अन्य अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। प्रार्थना पत्र में आधी-अधूरी सूचना देने वाले अभ्यर्थियों से भी आयोग ने दोबारा प्रार्थना पत्र मांगे हैं। प्रार्थना पत्र लेने की अंतिम तिथि बीतने के बाद आयोग द्वितीय सूची से अभ्यर्थियों का चयन करेगा।