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UPPSC : पीसीएस के विज्ञापन में देरी, बदलाव की आहट, प्रतियोगियों ने तेज किया आंदोलन

Wed, 18 Jan 2023 12:29 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 18 Jan 2023 12:29 AM IST
सार

पीसीएस-2023 की प्रारंभिक परीक्षा 14 मई को प्रस्तावित है और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने अब तक परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं किया है। इस बीच प्रतियोगी छात्रों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाए जाने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया है।

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UPPSC Delay in PCS advertisement, call for change, competitors intensify agitation
Prayagraj News : यूपीपीएससी। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

पीसीएस-2023 की प्रारंभिक परीक्षा 14 मई को प्रस्तावित है और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने अब तक परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं किया है। इस बीच प्रतियोगी छात्रों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाए जाने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया है। विज्ञापन में विलंब होने के कारण अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि पीसीएस-2023 से मुख्य परीक्षा में बदलाव हो सकता है। हालांकि, यह विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आयोग कोई बदलाव करता है या नहीं।

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पीसीएस मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय हटाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री एवं आयोग के अध्यक्ष को लगातार ट्वीट कर रहे हैं। प्रतियोगियों का कहना है कि हिंदी भाषी क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए और मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को पूरी तरह से हटाया जाए, ताकि स्केलिंग से प्रतियोगी छात्रों को मुक्ति मिले और मूल्यांकन में समानता हो।

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हिंदी भाषी और मानविकी विषय के छात्र लगातार यह मुद्दा उठाते रहें हैं कि विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों को पीसीएस परीक्षा में अतिरिक्त फायदा मिलता है। स्केलिंग की वजह से हिंदी भाषी अभ्यर्थियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। अगर मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को हटा दिया जाए, तो सभी प्रतियोगी छात्रों को राहत मिलेगी। छात्रों को उम्मीद है कि इस मुद्दे पर पीसीएस-2023 में उन्हें राहत मिल सकती है।

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सोशल मीडिया पर जारी अभियान का नेतृत्व कर रहे प्रतियोगी छात्र नेता कौशल सिंह ने मांग की है कि अगर मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाए जाते हैं तो उनकी जगह उत्तर प्रदेश पर आधारित प्रश्नपत्र शामिल होने चाहिए, जैसा कि कुछ प्रदेशों में हो रहा है। इससे स्केलिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही हिंदी भाषी छात्रों को किसी तरह की दिक्कत होगी। फिलहाल अभ्यर्थियों को अब पीसीएस-2023 का विज्ञापन जारी होने का इंतजार है। विज्ञापन में मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम भी शामिल होता है। विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अभ्यर्थियों की मांग पूरी होती है या नहीं।

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