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यूपीपीएससी अध्यक्ष ने शुरू कराई स्केलिंग की जांच
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UPPSC chairman introduced scanning probe
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एक साथ दो वर्षोँ का परीक्षा कैलेंडर किया जा सकता है जारी
0 आयोग अध्यक्ष ने कहा- प्रतियोगियों की बेहतरी के लिए किए जा रहे कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही वर्ष 2019 के साथ वर्ष 2020 का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। प्रयास होगा कि वर्ष 2020 की परीक्षाएं उसी साल पूरी करा ली जाएं और पुरानी परीक्षाएं एवं लंबित परिणाम से संबंधित प्रक्रिया इसी वर्ष पूरी कर ली जाए। गलत सवाल पूछे जाने के मसले पर कहा कि पूरा प्रयास होगा कि कोई त्रुटि न हो। वहीं, सीबीआई एवं एसटीएफ जांच के मामले में बोले कि जांच एजेंसियों एवं आयोग के कार्यों का दायरा अलग-अलग है, इसलिए जांच से आयोग की कार्यप्रणाली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कहा कि प्रत्येक बुधवार अभ्यर्थियों से मिलने का निर्णय लिया है। जरूरत पड़ी तो इसका दायरा बढ़ाएंगे, ताकि प्रतियोगियों से फीडबैक लेकर पता लगाया जा सके कि आयोग में कहां सुधार की जरूरत है और कर्मचारी कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं। यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्रों के चयन में पिछले 10 वर्षों में आए परिवर्तनों एवं ग्राफ का अध्ययन किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो इस दिशा में सुधार होगा, ताकि ग्रामीण इलाकों के प्रतियोगी छात्रों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।
कर्मचारी संघ पीसीएस जे परीक्षा की जांच के पक्ष में नहीं
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने भले ही अभ्यर्थियों को पीसीएस जे परीक्षा की जांच का आश्वासन दिया है लेकिन उत्तर प्रदेश कर्मचारी/अधिकारी संघ जांच के पक्ष में नहीं है। संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार का कहना है कि इस मामले में उच्च न्यायालय से दो याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। ऐसे में जांच की मांग करना उचित नहीं है। इसलिए संघ भी पीसीएस जे परीक्षा की जांच की मांग नहीं कर सकता है।
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0 आयोग अध्यक्ष ने कहा- प्रतियोगियों की बेहतरी के लिए किए जा रहे कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही वर्ष 2019 के साथ वर्ष 2020 का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। प्रयास होगा कि वर्ष 2020 की परीक्षाएं उसी साल पूरी करा ली जाएं और पुरानी परीक्षाएं एवं लंबित परिणाम से संबंधित प्रक्रिया इसी वर्ष पूरी कर ली जाए। गलत सवाल पूछे जाने के मसले पर कहा कि पूरा प्रयास होगा कि कोई त्रुटि न हो। वहीं, सीबीआई एवं एसटीएफ जांच के मामले में बोले कि जांच एजेंसियों एवं आयोग के कार्यों का दायरा अलग-अलग है, इसलिए जांच से आयोग की कार्यप्रणाली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कहा कि प्रत्येक बुधवार अभ्यर्थियों से मिलने का निर्णय लिया है। जरूरत पड़ी तो इसका दायरा बढ़ाएंगे, ताकि प्रतियोगियों से फीडबैक लेकर पता लगाया जा सके कि आयोग में कहां सुधार की जरूरत है और कर्मचारी कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं। यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्रों के चयन में पिछले 10 वर्षों में आए परिवर्तनों एवं ग्राफ का अध्ययन किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो इस दिशा में सुधार होगा, ताकि ग्रामीण इलाकों के प्रतियोगी छात्रों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।
कर्मचारी संघ पीसीएस जे परीक्षा की जांच के पक्ष में नहीं
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने भले ही अभ्यर्थियों को पीसीएस जे परीक्षा की जांच का आश्वासन दिया है लेकिन उत्तर प्रदेश कर्मचारी/अधिकारी संघ जांच के पक्ष में नहीं है। संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार का कहना है कि इस मामले में उच्च न्यायालय से दो याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। ऐसे में जांच की मांग करना उचित नहीं है। इसलिए संघ भी पीसीएस जे परीक्षा की जांच की मांग नहीं कर सकता है।
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