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यूपीपीएससी : संशोधित पाठ्यक्रम को मंजूरी का इंतजार, भर्ती फंसी
Sun, 27 Jun 2021 09:59 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 27 Jun 2021 09:59 PM IST
सार
- एपीएस के ढाई सौ पदों का अधियाचन मिलने के बावजूद जारी नहीं हो सका विज्ञापन
- शासन स्तर पर पांच माह से प्रस्ताव लंबित, यूपीपीएससी शुरू नहीं कर पा रहा नई भर्ती
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विस्तार
अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम संशोधन के प्रस्ताव को शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने के कारण भर्ती फंसी हुई है। नई भर्ती शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (यूपीपीएससी) आयोग को कई महीने पहले तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन भी मिल चुका है। यह भर्ती परीक्षा भले ही आयोग के वर्ष 2021 के कैलेंडर में शामिल न हो, लेकिन पाठ्यक्रम संशोधन को शासन से मंजूरी मिलती है तो आयोग अलग से विज्ञापन जारी कर नई भर्ती शुरू कर देगा।
यूपीपीएससी ने वर्ष 2017 और वर्ष 2018 के कैलेंडर में भी एपीएस भर्ती को शामिल किया था, लेकिन विज्ञापन जारी नहीं किया गया। पिछला विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद आठ साल से एपीएस के पदों पर कोई नई भर्ती नहीं हुई। आयोग ने पांच माह पूर्व एपीएस भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
इस बीच आयोग को संबंधित विभागों से तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन भी मिल चुका है। इस मसले पर अभ्यर्थी कई बार आयोग में ज्ञापन दे चुके हैं। पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब पदों का अधियाचन मिल चुका है तो भर्ती क्यों शुरू नहीं हो रही। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर अपनी समस्या बताई है। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
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यूपीपीएससी ने वर्ष 2017 और वर्ष 2018 के कैलेंडर में भी एपीएस भर्ती को शामिल किया था, लेकिन विज्ञापन जारी नहीं किया गया। पिछला विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद आठ साल से एपीएस के पदों पर कोई नई भर्ती नहीं हुई। आयोग ने पांच माह पूर्व एपीएस भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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इस बीच आयोग को संबंधित विभागों से तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन भी मिल चुका है। इस मसले पर अभ्यर्थी कई बार आयोग में ज्ञापन दे चुके हैं। पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब पदों का अधियाचन मिल चुका है तो भर्ती क्यों शुरू नहीं हो रही। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर अपनी समस्या बताई है। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
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