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फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर हासिल की स्टाफ नर्स की नौकरी
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यूपीपीएससी ने जांच में पकड़ा मामला, निरस्त किया चयन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित स्टाफ नर्स (महिला) परीक्षा-2017 में एक अभ्यर्थी ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली। बाद में आयोग ने इसकी जांच कराई तो मामला पकड़ा गया। आयोग ने संबंधित अभ्यर्थी का चयन निरस्त कर दिया है।
यूपीपीएससी ने एक सितंबर 2018 को स्टाफ नर्स (महिला) परीक्षा 2017 का परिणाम औपबंधिक रूप से घोषित किया था। परीक्षा परिणाम में अनुसूचित जनजाति श्रेणी के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में अभ्यर्थी सिन्नी को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार सिन्नी की ओर से प्रस्तुत किए गए अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र की संबंधित जिले के डीएम से जांच कराई गई। डीएम से मिली रिपोर्ट के अनुसार सिन्नी का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में आयोग द्वारा सिन्नी को सामान्य श्रेणी का अभ्यर्थी मानते हुए उनके परीक्षा परिणाम पर विचार किया गया और सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम दक्षता मानक पूरा न करने के कारण सिन्नी का चयन परिणाम निरस्त कर दिया गया।
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित स्टाफ नर्स (महिला) परीक्षा-2017 में एक अभ्यर्थी ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली। बाद में आयोग ने इसकी जांच कराई तो मामला पकड़ा गया। आयोग ने संबंधित अभ्यर्थी का चयन निरस्त कर दिया है।
यूपीपीएससी ने एक सितंबर 2018 को स्टाफ नर्स (महिला) परीक्षा 2017 का परिणाम औपबंधिक रूप से घोषित किया था। परीक्षा परिणाम में अनुसूचित जनजाति श्रेणी के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में अभ्यर्थी सिन्नी को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार सिन्नी की ओर से प्रस्तुत किए गए अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र की संबंधित जिले के डीएम से जांच कराई गई। डीएम से मिली रिपोर्ट के अनुसार सिन्नी का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में आयोग द्वारा सिन्नी को सामान्य श्रेणी का अभ्यर्थी मानते हुए उनके परीक्षा परिणाम पर विचार किया गया और सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम दक्षता मानक पूरा न करने के कारण सिन्नी का चयन परिणाम निरस्त कर दिया गया।
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