UPPSC : पीसीएस मुख्य परीक्षा से पहले 153 अभ्यर्थी बाहर, स्क्रूटनी के बाद आयोग ने निरस्त किए अभ्यर्थन
आयोग ने विज्ञापन की शर्तें पूरा न करने के कारण 153 अभ्यर्थन निरस्त किए हैं। आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह के अनुसार 84 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो ऑनलाइन दावे के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में केवल प्राविधिक सहायक (भूतत्व) (भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय) पद के लिए सफल घोषित हुए थे, लेकिन पद की अनिवार्य शैक्षिक अर्हता धारित नहीं कर रहे थे।
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सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा-2023 से पहले ही 153 अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद इनके अभ्यर्थन निरस्त कर दिए हैं। हालांकि, अभ्यर्थियों को निरस्तीकरण के विरुद्ध 12 सितंबर को शाम पांच बजे तक या इससे पूर्व प्रत्यावेदन देने का मौका दिया गया है।
आयोग ने विज्ञापन की शर्तें पूरा न करने के कारण 153 अभ्यर्थन निरस्त किए हैं। आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह के अनुसार 84 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो ऑनलाइन दावे के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में केवल प्राविधिक सहायक (भूतत्व) (भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय) पद के लिए सफल घोषित हुए थे, लेकिन पद की अनिवार्य शैक्षिक अर्हता धारित नहीं कर रहे थे। इनके अभ्यर्थन निरस्त कर दिए गए हैं।
वहीं, 37 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी निर्धारित अंतिम तिथि 28 जुलाई 2023 तक आयोग कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की। इसे विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए इनका अभ्यर्थन निरस्त किया गया है। मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र के साथ कोई भी शैक्षणिक अभिलेख संलग्न न होने के कारण तीन अभ्यर्थियाें का अभ्यर्थन निरस्त किया गया है।
आवेदन में पाई गई थीं त्रुटियां
एक अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन में उल्लिखित अपनी जन्मतिथि की पुष्टि के लिए हाईस्कूल का अंकपत्र/प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया। एक अभ्यर्थी ने भूतपूर्व सैनिक श्रेणी का दावा किया, लेकिन आवेदन पत्र के साथ कोई प्रमाणपत्र संलग्न नहीं किया। दो अभ्यर्थियों ने दिव्यांग श्रेणी का दावा किया, लेकिन प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया। इनके अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिए गए हैं।
वहीं, दो अभ्यर्थियों की दिव्यांगता की उपश्रेणी एमडी एवं एक की उपश्रेणी बीएल परीक्षा में शामिल किसी पद के लिए चिह्नित न होने के कारण इनके अभ्यर्थन निरस्त किए गए हैं। 13 अभ्यर्थी ऑनलाइन दावे के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में जिन पदों के लिए सफल घोषित किए गए, उन पदों की अनिवार्य अर्हता के दावे के समर्थन में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके और उनका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया गया।
निर्धारित अर्हता न धारित करने पर पांच के आवेदन पर नहीं हुआ विचार
पांच अभ्यर्थी ऑनलाइन दावे के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में उपनिबंधक, विधि अधिकारी और प्राविधिक सहायक (भूतत्व) के पदों के लिए सफल घोषित किए गए, लेकिन पदों की अर्हता धारित न करने के कारण उनका अभ्यर्थन निरस्त हो गया। दो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में प्राविधिक सहायक (भूतत्व) पद के लिए सफल घोषित हुए थे, लेकिन उनका डिप्लोमा मान्य नहीं था।
इसके अलावा एक अभ्यर्थी के विधि स्नातक का अंकपत्र निर्धारित तिथि के बाद का होने के कारण और एक अभ्यर्थी की विधि स्नातक की अंकतालिका संलग्न न होने के कारण अभ्यर्थन निरस्त किया गया। जिन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त किए गए हैं, वे 12 सितंबर को शाम पांच बजे तक या इससे पूर्व आयोग के सचिव को पंजीकृत डाक या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आयोग के गेट नंबर तीन पर स्थित डाक अनुभाग के काउंटर पर निरस्तीकरण के विरुद्ध अपनी अपील से संबंधित प्रत्यावेदन उपलब्ध करा सकते हैं।
26 सितंबर से प्रस्तावित है मुख्य परीक्षा
पीसीएस-2023 की मुख्य परीक्षा 26 सितंबर से प्रस्तावित है। परीक्षा 29 सितंबर को पूरी होगी। पीसीएस के 254 पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने 26 जून 2023 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया था, जिसमें 4047 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। इन अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के लिए अलग से आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से 153 अभ्यर्थियों के अभ्यर्थन विज्ञापन की शर्तें पूरी न करने के कारण निरस्त किए गए हैं।