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यूपीपीएससीः पीसीएस मेंस के लिए 160 नई महिला अभ्यर्थी चयनित
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UPPSC: 160 new women candidates selected for PCS Mains
प्रयागराज। महिला आरक्षण के विवाद के मसले पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की ओर से जारी आदेश के अनुपालन में शनिवार को पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया। संशोधित परिणाम में अन्य राज्यों की 160 नई महिला अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इनको 18 अक्तूबर से आयोजित होने जा रही पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
दिल्ली की अभ्यर्थी खुशबू बंसल की याचिका में राज्य सरकार के नौ जनवरी 2017 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत उत्तर प्रदेश की महिला अभ्यर्थियों के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था के तहत राज्य की महिला अभ्यर्थियों को 20 फीसदी आरक्षण मिलता है, जबकि अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को सामान्य अभ्यर्थी में शामिल किया जाता है।
आयोग की ओर से 30 मार्च को जारी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण में शामिल नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रदेश की महिलाओं के लिए की गई क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए। इसी के अनुपालन में आयोग ने शनिवार को प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए अन्य राज्यों की 160 महिला अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। हालांकि मुख्य परीक्षा 18 अक्तूबर से है और दो हफ्ते से कम समय बाकी रह गया है।
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सबसे बड़ी चुनौती नई महिला अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन लेने की है, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र भी जारी हा चुके हैं। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के लिए चयनित अन्य राज्यों की नई महिला अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए भी बहुत कम वक्त बचा है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सफल घोषित की गईं सभी 160 महिला अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से मुख्य परीक्षा की सूचना और आवेदन का प्रारूप भेजा जा रहा है।
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दिल्ली की अभ्यर्थी खुशबू बंसल की याचिका में राज्य सरकार के नौ जनवरी 2017 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत उत्तर प्रदेश की महिला अभ्यर्थियों के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था के तहत राज्य की महिला अभ्यर्थियों को 20 फीसदी आरक्षण मिलता है, जबकि अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को सामान्य अभ्यर्थी में शामिल किया जाता है।
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आयोग की ओर से 30 मार्च को जारी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण में शामिल नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रदेश की महिलाओं के लिए की गई क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए। इसी के अनुपालन में आयोग ने शनिवार को प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए अन्य राज्यों की 160 महिला अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। हालांकि मुख्य परीक्षा 18 अक्तूबर से है और दो हफ्ते से कम समय बाकी रह गया है।
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सबसे बड़ी चुनौती नई महिला अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन लेने की है, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र भी जारी हा चुके हैं। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के लिए चयनित अन्य राज्यों की नई महिला अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए भी बहुत कम वक्त बचा है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सफल घोषित की गईं सभी 160 महिला अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से मुख्य परीक्षा की सूचना और आवेदन का प्रारूप भेजा जा रहा है।