UPHESC : असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर अटकी भर्ती, 90 हजार से अधिक ने किया है आवेदन
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों के लिए एक साल पहले आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 90 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे हैं, लेकिन आगे की प्रक्रिया ठप है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों के लिए आवेदन लिए जाने के एक साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। नए आयोग के गठन के इंतजार में प्रक्रिया लंबित है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से टीजीटी-पीजीटी के करीब चार हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया भी बीच में रुक गई है। इससे प्रतियोगियों में निराशा के साथ नाराजगी भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर जल्द भर्ती कराने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों के लिए एक साल पहले आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 90 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे हैं, लेकिन आगे की प्रक्रिया ठप है। चूंकि, सरकार की ओर से नए आयोग के गठन की घोषणा की गई है। सभी स्तर के शिक्षकों की भर्ती नवगठित आयोग के माध्यम से ही कराई जानी है, लेकिन उसका गठन अभी लंबित है। इसकी वजह से असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया भी ठप हो गई है।
इससे नाराज प्रतियोगियों ने उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने आयोग के सदस्य से इस बाबत बात भी की। ज्ञापन सौंपने एवं वार्ता करने वालों में प्रतियोगी मंच एवं इंकलाबी नौजवान सभा के प्रतिनिधि शामिल रहे। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया लंबित होने से निराश कई प्रतियोगी वापस घर चले गए हैं। उन्होंने एक अगस्त को प्रस्तावित यूथ पार्लियामेंट में यह मुद्दा उठाने की बात कही।
उनका यह भी कहना था कि मुख्यमंत्री एक लाख 65 हजार शिक्षकों की भर्ती की बात करके गुमराह कर रहे हैं। यह भर्ती एक लाख 40 हजार शिक्षा मित्रों को हटाए जाने के बाद की गई है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्तियां लंबित होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बोर्ड ने टीजीटी के 3539 तथा पीजीटी के 624 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, लेकिन इसके बाद की प्रक्रिया रुकी है। ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील मौर्य, साेनू यादव, नीरज कुमार, रामसनेही पाल, ब्रह्मदेव पांडेय, ज्ञानेंद्र यादव, मनीष कुमार शामिल रहे।