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यूपीसीए को ग्रीन पार्क में खेलने का अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 May 2016 02:04 AM IST
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उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को कानपुर के ग्रीन पार्क में तीस साल का पट्टा देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है। एसोसिएशन को पट्टा देने के खिलाफ हाईकोर्ट के वकील रूद्रकांत मिश्र ने याचिका दाखिल की थी। इस पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति आरएन कक्कड़ की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया कि ग्रीन पार्क सार्वजनिक संपत्ति है, इसका इस्तेमाल करने का अधिकार किसी प्राइवेट संस्था को नहीं दिया जा सकता है। ग्रीन पार्क के छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ियों को इस पर अभ्यास करने का पहला अधिकार है, मगर यूपीसीए को पट्टा देने के कारण उनके अभ्यास में बाधा पड़ती है। मैच से एक माह पहले अभ्यास बंद करा दिया जाता है। यूपीसीए एक पंजीकृत संस्था है जो सोसाइटी एक्ट में पंजीकृत है और कंपनी का रूप ले चुकी है। इस लिहाज से उसकी बीसीसीआई से सदस्यता भी समाप्त हो चुकी है। कोर्ट ने याची की दलील कोे अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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याचिका में कहा गया कि ग्रीन पार्क सार्वजनिक संपत्ति है, इसका इस्तेमाल करने का अधिकार किसी प्राइवेट संस्था को नहीं दिया जा सकता है। ग्रीन पार्क के छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ियों को इस पर अभ्यास करने का पहला अधिकार है, मगर यूपीसीए को पट्टा देने के कारण उनके अभ्यास में बाधा पड़ती है। मैच से एक माह पहले अभ्यास बंद करा दिया जाता है। यूपीसीए एक पंजीकृत संस्था है जो सोसाइटी एक्ट में पंजीकृत है और कंपनी का रूप ले चुकी है। इस लिहाज से उसकी बीसीसीआई से सदस्यता भी समाप्त हो चुकी है। कोर्ट ने याची की दलील कोे अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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