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जिस पर गड़बड़ी का आरोप, उसी से मांगे दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:51 AM IST
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इलाहाबाद
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भर्तियों में धांधली का जिस पर आरोप है, सरकार ने जांच के लिए उसी से भर्ती परिणाम संबंधी दस्तावेज तलब किए हैं। पीसीएस-2014 समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं की कॉपियां नष्ट होने के बाद प्रतियोगियों को अब राहत की उम्मीद कम रह गई है। उनका कहना है कि सरकार के पास सक्षम अधिकारी हैं। अगर उन अधिकारियों के जरिए सीधे जांच कराई गई होती तो गड़बड़ी पकड़ में आ जाती। जांच में देर होने से धांधली के अन्य सुबूत भी नष्ट किए जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप छह साल से लग रहे हैं। इसके बावजूद अब तक किसी तरह की जांच नहीं कराई गई। पीसीएस 2011 से 2014 तक की कॉपियां नष्ट कर दी गईं। पूर्व में हुईं आरओ-एआरओ, पीसीएस-जे समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं से संबंधित उत्तर पुस्तिकाएं भी नष्ट कर दी गईं। प्रतियोगी छात्रों को उम्मीद थी कि प्रदेश की नई सरकार में उनकी सुनवाई होगी। हालांकि, कुछ दिनों पहले ही सरकार ने लोक सेवा आयोग में हुई भर्तियों से संबंधित दस्तावेज तलब कर लिए हैं। आयोग की ओर से संबंधित सूचना शासन को भेज दी गई है, लेकिन भर्तियों में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार ने अब तक चुप्पी साध रखी है।
इस बीच कॉपियों को नष्ट किए जाने का मामला एक बार फिर सामने आने के बाद आयोग नई मुसीबत में घिर गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि सरकार के पास सक्षम अधिकारी है और उसके पास तमाम अधिकार भी हैं। अगर आयोग ने गड़बड़ी की है तो सरकार कैसे उम्मीद करती है कि आयोग सही सूचनाएं उपलब्ध कराएगा। मीडिया प्रभारी समेत तमाम प्रतियोगी छात्रों ने सीएम को शिकायत भेजी है कि जांच में ऐसे ही देर होती गई तो आयोग धीमे-धीमे तमाम सुबूत नष्ट कर देगा।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप छह साल से लग रहे हैं। इसके बावजूद अब तक किसी तरह की जांच नहीं कराई गई। पीसीएस 2011 से 2014 तक की कॉपियां नष्ट कर दी गईं। पूर्व में हुईं आरओ-एआरओ, पीसीएस-जे समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं से संबंधित उत्तर पुस्तिकाएं भी नष्ट कर दी गईं। प्रतियोगी छात्रों को उम्मीद थी कि प्रदेश की नई सरकार में उनकी सुनवाई होगी। हालांकि, कुछ दिनों पहले ही सरकार ने लोक सेवा आयोग में हुई भर्तियों से संबंधित दस्तावेज तलब कर लिए हैं। आयोग की ओर से संबंधित सूचना शासन को भेज दी गई है, लेकिन भर्तियों में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार ने अब तक चुप्पी साध रखी है।
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इस बीच कॉपियों को नष्ट किए जाने का मामला एक बार फिर सामने आने के बाद आयोग नई मुसीबत में घिर गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि सरकार के पास सक्षम अधिकारी है और उसके पास तमाम अधिकार भी हैं। अगर आयोग ने गड़बड़ी की है तो सरकार कैसे उम्मीद करती है कि आयोग सही सूचनाएं उपलब्ध कराएगा। मीडिया प्रभारी समेत तमाम प्रतियोगी छात्रों ने सीएम को शिकायत भेजी है कि जांच में ऐसे ही देर होती गई तो आयोग धीमे-धीमे तमाम सुबूत नष्ट कर देगा।
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