UP By Election : फूलपुर सीट पर शीर्ष नेताओं की चुप्पी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा
अखिलेश यादव ने मंगलवार को इशारों में कहा था कि फूलपुर सीट वह कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार हैं। इसके बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं तथा टिकट के दावेदारों में उत्साह रहा। गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव समेत तीन लोगों ने नामांकन फार्म भी ले लिए हैं लेकिन बुधवार को इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।
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सपा के साथ गठबंधन के तहत फूलपुर विधानसभा सीट पर दावेदारी को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की चुप्पी ने कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ा दी है। साथ ही उनमें निराशा है। हालांकि, कांग्रेस से टिकट की दावेदारी करने वालों को राहुल गांधी तथा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बैठक का इंतजार है।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को इशारों में कहा था कि फूलपुर सीट वह कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार हैं। इसके बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं तथा टिकट के दावेदारों में उत्साह रहा। गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव समेत तीन लोगों ने नामांकन फार्म भी ले लिए हैं लेकिन बुधवार को इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।
इसके विपरीत सपा के मुज्तबा सिद्दीकी ने बुधवार को नामांकन भी कर दिया। ऐसे में कांग्रेस के नेताओं को यह चिंता सताने लगी है कि अब यह सीट पार्टी के खाते में आ जाती है तब भी एक वर्ग की नाराजगी दूर करना आसान नहीं होगा। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सपा प्रत्याशी के नामांकन के बाद कुछ बचा नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का भी कहना है कि फूलपुर में कांग्रेस उम्मीदवार उतारेगी इसे लेकर किसी तरह की बात नहीं हुई है। इस चर्चा का कोई आधार नहीं है। इसके विपरीत कांग्रेस से टिकट के लिए दावेदारी करने वाले गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव का कहना है कि बृहस्पतिवार को राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच वार्ता संभावित है। उसमें फूलपुर सीट पर निर्णय हो जाएगा। सुरेश का कहना है कि पार्टी चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रही है। एक अन्य दावेदार मनीष मिश्रा का भी कहना है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की वार्ता के बाद ही सीट बंटवारे की घोषणा की जाएगी। उसी के अनुसार आगे काम किया जाएगा।