up budget 2022 : महाकुंभ-2025 से पहले फिर होगा शहर का कायाकल्प, चार फ्लाईओवर समेत कई प्रस्ताव
कुंभ-2019 के आयोजन तथा इसके मद्देनजर होने वाले विकास कार्यों पर करीब 30 अरब रुपये खर्च हुए थे। अफसरों का कहना है कि इस बार महाकुंभ है। इसके अलावा महंगाई भी बढ़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए डेढ़ गुना बजट मिलने की उम्मीद है।
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महाकुंभ-2025 का खाका तैयार होने लगा है। कई प्रस्ताव तैयार हो गए हैं तो अन्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन तथा इसके मद्देनजर होने वाले विकास कार्यों पर करीब 45 अरब रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। छह जून को प्रस्तावित बैठक में इस पर प्रशासन की मुहर लगने की उम्मीद है। अब प्रदेश सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को प्रस्तुत बजट में कुंभ के लिए एक अरब रुपये का प्रावधान किए जाने के बाद विशेषज्ञ एजेंसियों के चयन तथा अन्य कार्यों में और तेजी आएगी।
कुंभ-2019 के आयोजन तथा इसके मद्देनजर होने वाले विकास कार्यों पर करीब 30 अरब रुपये खर्च हुए थे। अफसरों का कहना है कि इस बार महाकुंभ है। इसके अलावा महंगाई भी बढ़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए डेढ़ गुना बजट मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से भी इसके संकेत दिए हैं। इसलिए संबंधित विभागों की ओर से करीब 45 अरब रुपये के प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात कही जा रही है। इसमें चार फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण समेत कई प्रस्ताव शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने आयोजन से तीन वर्ष पहले ही बजट में एक अरब रुपये का प्रावधान करके संकेत दे दिया है कि 2025 का महाकुंभ और भव्य होगा।
इसके मद्देनजर संबंधित विभागाें की ओर से प्रस्ताव तैयार में तेजी लाई जा रही है और इसी महीने में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मंडलायुक्त संजय गोयल का कहना है कि छह जून को कुंभ के मद्देनजर बैठक बुलाई गई है। बैठक में महाकुंभ को ध्यान में रखकर होने वाले कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। उनका कहना है कि बजट में एक अरब का प्रावधान किया गया है। यह टोकन मनी है। इस राशि से विशेषज्ञ एजेंसियों को हायर करने एवं काम शुरू करने से पहले होने वाली तैयारियों में तेजी आएगी। इसके अलावा प्रारंभिक चरण में होने वाले कार्य पूरे किए जाएंगे।
- इंटीग्रेटेड ट्रैफिक प्लान तथा आधा दर्जन से अधिक पार्किंग स्थल
- द्वादश बेणी माधव समेत अन्य धार्मिक सर्किट
- ललिता देवी, भरद्वाज आश्रम समेत प्रमुख मंदिरों का सुंदरीकरण
- चार नए फ्लाईओवर समेत अनेक निर्माण
- संगम को जोड़ने वाली सड़कों के अलावा अन्य प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण
- कर्जन पुल समेत दो स्थानों पर संग्रहालय
- घाटों, चौराहों, पार्कों का थीम आधारित विकास
सेफ सिटी होगा प्रयागराज, खर्च होंगे 87 करोड़ से अधिक
प्रयागराज। प्रयागराज में महिलाओं की सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम होंगे। प्रदेश के छह जिलों लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में सेफ सिटी योजना लागू की गई है। इसके तहत डायल 112 को और मजबूत किया जाएगा। पुलिस विभाग को तकनीकी रूप से मजबूत करने के साथ संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 523 करोड़ 34 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अफसरों का कहना है कि यह राशि योजना में शामिल छह जिलों में करीब बराबर-बराबर बांटी जाएगी। ऐसे में प्रयागराज की पुलिस को मजबूत करने में 87 करोड़ करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी।
बजट स्वीकृत, गंगा एक्सप्रेस वे के काम में भी आएगी तेजी
प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस वे योजना के काम में अब और तेजी आएगी। बजट में इसके लिए 695 करोड़ 34 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
गंगा एक्सप्रेस वे के अंतर्गत सोरांव तहसील के 20 गांव आ रहे हैं। चिह्ति जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इस योजना केलिए पहले फेज में आए 266 करोड़ रुपये से ज्यादातर काश्तकारों के मुआवजा का भुगतान किया जा चुका है। कई किसानों ने आपत्ति जताई थी। उन्हें भी नोटिस देकर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले निर्माण तथा अन्य संपत्तियाें को भी नुकसान हुआ है।
प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे कराया गया है, जिसकी भी रिपोर्ट भी सोमवार को आ गई है। इसके तहत करीब 98 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अफसरों का कहना है कि संपत्तियों के नुकसान का मुआवजे का भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा। इस तरह से एक्सप्रेस के निर्माण में अब किसी तरह की बाधा नहीं होने की बात कही जा रही है। अफसरों का कहना है कि बजट की घोषणा हो चुकी है। पैसा मिलते ही तेजी से काम होंगे।