सौ वर्ष पूरे होने पर पुरा छात्रों से जुड़ेगा यूपी बोर्ड
दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड के रूप में शुमार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) 2021 में अपनी स्थापना के सौवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। अपने शताब्दी वर्ष में यूपी बोर्ड अपनी जड़ों की ओर लौटता दिखेगा। इस दौरान बोर्ड की ओर से मिशन गौरव के तहत उन पुरा छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने प्रदेश और देश स्तर पर मान बढ़ाया है। इस बात की भी उम्मीद है कि बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट एक्ट में संशोधन किया जा सकता है।
पोर्टल के जरिये पुरा छात्रों से जुड़ने की अपील
यूपी बोर्ड के सचिव की ओर से अपनी वेबसाइट पर मिशन गौरव से अपने पुरा छात्रों से जुड़ने की अपील की गई है। बोर्ड की ओर से देश-विदेश जहां भी यूपी बोर्ड से परीक्षा पास करने के बाद विद्यार्थी अपने क्षेत्र में अहम योगदान कर रहे हैं, से जुड़ने की अपील की गई है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि वह अपने बारे में मिशन गौरव पोर्टल पर पंजीकृत कर इस महान क्षण के भागीदार बनें।
अपनी सफलता की कहानी बताएंगे पुरा छात्र
बोर्ड का लक्ष्य यह है कि उसके पुरा छात्र अपनी कामयाबी की कहानी से नए छात्रों को जोड़ेंगे। बोर्ड अपने पुरा छात्रों से सुझाव भी मांगेगा, उनको लागू करने का भी प्रयास करेगा। यूपी बोर्ड मुख्यालय के भवन का भी शताब्दी वर्ष में कायाकल्प होने की उम्मीद है। मिशन गौरव में अपने पुरा छात्रों के स्वागत के लिए भवन की मरम्मत के साथ इसका रंग रोगन करने की तैयारी है।
सितंबर 2021 से अप्रैल 2022 तक होंगे आयोजन
यूपी बोर्ड की स्थापना सितंबर 1921 में हुई थी। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट एक्ट अप्रैल 1922 में बनकर तैयार हुआ था। बोर्ड बीते ऐतिहासिक पलों को यादगार बनाने के लिए सितंबर 2021 से अप्रैल 2022 के बीच आयोजन करेगा। इस मौके पर बोर्ड के साथ उससे जुड़े विद्यालयों में शिक्षा एवं खेल पर प्रतियोगिताएं होंगी।