{"_id":"590e2ee64f1c1b06464448e5","slug":"up-board-results-in-first-week-of-june","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड का रिजल्ट जून के पहले सप्ताह में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड का रिजल्ट जून के पहले सप्ताह में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 07 May 2017 02:05 AM IST
विज्ञापन
लिखित परीक्षा 28 फरवरी को ली गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट जून के पहले सप्ताह में जारी करने की तैयारी की जा रही है। इन दिनों कॉपियां के मूल्यांकन का काम तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे कॉपियों का मूल्यांकन हो जा रहा है, परीक्षार्थियों के अंक चढ़ा कर ओएमआर शीट यूपी बोर्ड को भेजी जा रही है, जहां से उसे कंप्यूटर में दर्ज करने के लिए भेजा जा रहा है। वैसे बोर्ड यह सभी काम 25 मई तक हर हाल में पूरा कराने का दावा कर रहा है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 60 लाख 61 हजार 34 फॉर्म भरे थे। इनमें से करीब छह लाख ने परीक्षा छोड़ दी। अलग-अलग विषयों की परीक्षाओं के बाद तकरीबन साढ़े तीन करोड़ कॉपियों के मूल्यांकन के लिए प्रदेशभर में 254 केंद्र बनाए गए। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए करीब 1.35 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। 27 अप्रैल को मूल्यांकन शुरू होने के बाद से अब तक आधी से ज्यादा कॉपियां जांची जा चुकी हैं। परीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का नंबर ओएमआर सीट पर दर्ज करते हैं, फिर केंद्रों से उसे डीआईओएम के माध्यम से यूपी बोर्ड को भेजा जा रहा है। अब तक जिनती कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है, उसमें से ज्यादातर की ओएमआर सीट पर दर्ज अंकों को कंप्यूटर में चढ़वाने के लिए यूपी बोर्ड को भेजा भी जा चुका है।
मूल्यांकन का 15 दिन में पूरा होना है सो यह समय सीमा 11 मई को पूरी हो रही है। इसके बाद अंकों को कंप्यूटर में दर्ज करने के काम में और तेजी आएगी। बोर्ड सचिव शैल यादव के मुताबिक परीक्षार्थियों के अंक कंप्यूटर में दर्ज करने का काम 25 मई तक पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। रिजल्ट की घोषणा जून के पहले सप्ताह में की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 60 लाख 61 हजार 34 फॉर्म भरे थे। इनमें से करीब छह लाख ने परीक्षा छोड़ दी। अलग-अलग विषयों की परीक्षाओं के बाद तकरीबन साढ़े तीन करोड़ कॉपियों के मूल्यांकन के लिए प्रदेशभर में 254 केंद्र बनाए गए। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए करीब 1.35 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। 27 अप्रैल को मूल्यांकन शुरू होने के बाद से अब तक आधी से ज्यादा कॉपियां जांची जा चुकी हैं। परीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का नंबर ओएमआर सीट पर दर्ज करते हैं, फिर केंद्रों से उसे डीआईओएम के माध्यम से यूपी बोर्ड को भेजा जा रहा है। अब तक जिनती कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है, उसमें से ज्यादातर की ओएमआर सीट पर दर्ज अंकों को कंप्यूटर में चढ़वाने के लिए यूपी बोर्ड को भेजा भी जा चुका है।
विज्ञापन
मूल्यांकन का 15 दिन में पूरा होना है सो यह समय सीमा 11 मई को पूरी हो रही है। इसके बाद अंकों को कंप्यूटर में दर्ज करने के काम में और तेजी आएगी। बोर्ड सचिव शैल यादव के मुताबिक परीक्षार्थियों के अंक कंप्यूटर में दर्ज करने का काम 25 मई तक पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। रिजल्ट की घोषणा जून के पहले सप्ताह में की जा सकती है।
विज्ञापन