UP Board Result 2022 : हाईस्कूल, इंटर के रिजल्ट में बेटियों का दबदबा
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में शीर्ष तीन स्थानों पर जगह बनाने वाले चार-चार परीक्षार्थियों में दो-दो बेटियां शामिल हैं। हाईस्कूल में अनुभव इंटर कॉलेज मुरलीपुर रार कानुपर नगर के छात्र प्रिंस पटेल ने 97.67 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की टॉप टेन मेरिट में इस बार बेटियों का दबदबा रहा। हाईस्कूल की टॉप टेन मेरिट में 70 फीसदी बेटियों ने कब्जा जमाया है। वहीं, इंटरमीडिएट टॉप टेन में 53 फीसदी बेटियां हैं। हाईस्कूल का रिजल्ट 88.18 फीसदी और इंटरमीडिएट का रिजल्ट 85.33 फीसदी रहा।
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में शीर्ष तीन स्थानों पर जगह बनाने वाले चार-चार परीक्षार्थियों में दो-दो बेटियां शामिल हैं। हाईस्कूल में अनुभव इंटर कॉलेज मुरलीपुर रार कानुपर नगर के छात्र प्रिंस पटेल ने 97.67 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वह मूलरूप से इब्राहिमपुर बिंदकी, फतेहपुर के रहने वाले हैं। वहीं, मुरादाबाद की संस्कृति ठाकुर और कानपुर नगर की किरन कुशवाहा 97.50 फीसदी अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। कन्नौज के अनिकेत शर्मा (97.33 फीसदी) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
इंटरमीडिएट में जय मां एसजीएम आईसी राधा नगर, फतेहपुर की छात्रा दिव्यांशी 95.40 फीसदी अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान पर हैं, जबकि दूसरे नंबर पर प्रयागराज की बेटी अंशिका यादव और बाराबंकी के योगेश प्रताप सिंह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। दोनों को 95 फीसदी अंक मिले हैं। तीसरे स्थान पर फतेहपुर के बालकृष्ण (94.20 फीसदी) हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की निदेशक डॉ. सरिता तिवारी के अनुसार इस बार हाईस्कूल में बेटियों का परिणाम छात्रों के मुकाबले 6.44 फीसदी और इंटरमीडिएट में 8.94 फीसदी अधिक रहा। हाईस्कूल टॉप टेन की मेरिट में कुल 27 परीक्षार्थियों ने जगह बनाई है, जिनमें 19 छात्राएं हैं। वहीं, इंटरमीडिएट टॉप टेन में शामिल 28 परीक्षार्थियों में 15 बेटियां हैं।
67 दिन में परिणाम जारी
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और का परीक्षा परिणाम 67 दिनों में जारी कर दिया। 12 अप्रैल को परीक्षा समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल से मूल्यांकन कार्य शुरू करा दिया गया और सात मई को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 148 केंद्रों में कॉपियों का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया गया।