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Prayagraj News: स्क्रूटनी में नंबर बढ़ाने का झांसा दें रहें साइबर ठग, यूपी बोर्ड ने जारी किया अलर्ट
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को साइबर ठग निशाना बना रहे हैं। पैसे लेकर अंक बढ़ाने का झांसा देकर ठग अभ्यर्थियों को फोन कॉल, मैसेज और ईमेल के माध्यम से गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधी खुद को माध्यमिक शिक्षा परिषद का कर्मचारी या अधिकारी बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क कर रहे हैं। वे स्क्रूटनी में नंबर बढ़ाने का लालच देकर रुपये मांग रहे हैं। इसके लिए परिषद के कर्मचारियों के नाम और पदनाम का भी दुरुपयोग किया जा रहा है।
मामला संज्ञान में आने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे गंभीरता से लिया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें।
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परिषद कभी भी व्यक्तिगत रूप से परीक्षार्थियों से संपर्क कर अंक बढ़ाने या किसी प्रकार के भुगतान की मांग नहीं करता है। सचिव ने कहा कि अभ्यर्थी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, रोल नंबर, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि इस प्रकार का कोई कॉल आता है तो उसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें और संबंधित मोबाइल नंबर के साथ तत्काल अपने जिले के डीआईओएस को सूचित करें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधी खुद को माध्यमिक शिक्षा परिषद का कर्मचारी या अधिकारी बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क कर रहे हैं। वे स्क्रूटनी में नंबर बढ़ाने का लालच देकर रुपये मांग रहे हैं। इसके लिए परिषद के कर्मचारियों के नाम और पदनाम का भी दुरुपयोग किया जा रहा है।
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मामला संज्ञान में आने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे गंभीरता से लिया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें।
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परिषद कभी भी व्यक्तिगत रूप से परीक्षार्थियों से संपर्क कर अंक बढ़ाने या किसी प्रकार के भुगतान की मांग नहीं करता है। सचिव ने कहा कि अभ्यर्थी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, रोल नंबर, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि इस प्रकार का कोई कॉल आता है तो उसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें और संबंधित मोबाइल नंबर के साथ तत्काल अपने जिले के डीआईओएस को सूचित करें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।