UP Board : यूपी बोर्ड इंटर की प्रायोगिक परीक्षा शुरू, 7851 परीक्षकों की लगाई गई ड्यूटी
दूसरे चरण में अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर मंडलों में परीक्षा होगी। प्रधानाचार्यों को सीसीटीवी कैमरे में प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिकॉर्डिंग डीवीआर में सुरक्षित रखनी होगी और आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को उपलब्ध करानी होगी।
विस्तार
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। 25 जनवरी से एक फरवरी और दो से नौ फरवरी प्रस्तावित प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 7851 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई है। परीक्षकों में आधे से अधिक शिक्षक विज्ञान विषय के हैं। पहले चरण में आगरा, सहारनपुर बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती में प्रयोगिक परीक्षा कराई जाएगी।
वहीं, दूसरे चरण में अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर मंडलों में परीक्षा होगी। प्रधानाचार्यों को सीसीटीवी कैमरे में प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिकॉर्डिंग डीवीआर में सुरक्षित रखनी होगी और आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को उपलब्ध करानी होगी।
बोर्ड परीक्षा की सबसे अहम कड़ी हैं केंद्र व्यवस्थापक
यूपी बोर्ड मुख्यालय में बुधवार को प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के तहत 23 जिलों में केंद्र व्यवस्थापकों के मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ला, क्षेत्रीय कार्यालय की अपर सचिव विभा मिश्रा और अपर सचिव सत्येन्द्र सिंह ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक बोर्ड परीक्षा की सबसे अहम कड़ी हैं इसलिए उन्हें हर कदम पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार की नकल सामग्री, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ परीक्षार्थी प्रवेश न करें। अगर परीक्षा केंद्र पर उसी विद्यालय के किसी अध्यापक, कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक का पाल्य परीक्षा में शामिल हो रहा है तो उस स्थिति में उन्हें परीक्षा कार्य से विरत करते हुए उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।