UP : यूपी बोर्ड ने नौवीं, दसवीं के पाठ्यक्रम से कई पाठों को हटाया, कुछ को किया छोटा
यूपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्यक्रम कम होने से विद्यार्थियों को अभ्यास का अधिक समय मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षा में उनका परिणाम बेहतर होगा। नौवीं कक्षा के गणित विषय से समांतर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रफल, रचनाएं व प्रायिकता (प्रोबेबिलिटी) पाठ को हटा दिया गया है।
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यूपी बोर्ड ने 9वीं और 10वीं के गणित, संस्कृति, हिंदी और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में कटौती की है। गणित व हिंदी में कुछ पाठों को हटा दिया है, वहीं संस्कृत और सामाजिक विज्ञान में कुछ पाठों को छोटा कर दिया है।
यूपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्यक्रम कम होने से विद्यार्थियों को अभ्यास का अधिक समय मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षा में उनका परिणाम बेहतर होगा। नौवीं कक्षा के गणित विषय से समांतर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रफल, रचनाएं व प्रायिकता (प्रोबेबिलिटी) पाठ को हटा दिया गया है। वहीं, दसवीं में अब बच्चे ‘रचनाएं’ नहीं सीख सकेंगे।
कक्षा नौ संस्कृत विषय में पद्य पीयूषम के पहले पाठ ‘रामस्य पितृ भक्ति’ में पहले 26 श्लोक थे, उन्हें कम करके 14 कर दिया गया है। दूसरे पाठ ‘सुभाषितानी’ में पहले 15 श्लोक थे, जो अब 10 रह गए हैं। तीसरे पाठ ‘सूक्ति सुधा’ में नौ श्लोक को कम करते हुए सात कर दिया गया है। कक्षा दस की पद्य पीयूषम के पहले पाठ ‘लक्ष्य वेध’ में पहले 21 श्लोक थे, उसे 14 कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य पाठ और गद्य में भी बदलाव किया गया है।
गायब हुआ ठेले पर हिमालय
नौवीं के हिंदी में ठेले पर हिमालय, तोता, बादल को घिरते देखा, अच्छा होता सितार-संगीत की रात को हटा दिया गया है। कक्षा 10 में हिंदी से पानी में चंदा और चांद पर आदमी, युवा जंगल भाषा एकमात्र अनंत है को हटाया गया है। इसी प्रकार सामाजिक विज्ञान से लोकतंत्र और विविधता, जन संघर्ष और आंदोलन, लोकतंत्र की चुनौतियां पाठ को छोटा कर दिया गया है।