यूपी बोर्ड की परीक्षाएं खत्म, आठ मार्च से मूल्यांकन होगा शुरू
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शनिवार को समाप्त हो गईं। आखिरी दिन दूसरी पाली में इंटरमीडिएट अंग्रेजी का पेपर था। हाईस्कूल की परीक्षा एक दिन पहले यानी एक मार्च को ही समाप्त हो चुकी है। आठ मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। बोर्ड का लक्ष्य है कि अप्रैल के आखिर में हाईस्क्ूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाए।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट अंग्रेजी की परीक्षा शनिवार को दूसरी पाली में प्रदेश के 8284 केंद्रों में आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 22 लाख 21 हजार 250 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार शाम छह बजे तक विभिन्न परीक्षा केंद्रों से मिली सूचना के मुताबिक इंटरमीडिएट अंग्रेजी की परीक्षा में कुल 2019 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह अब तक कुल छह लाख 52 हजार 881 विद्यार्थी परीक्षा छोड़ चुके हैं। इनमें हाईस्कूल के दो लाख 51 हजार 864 और इंटरमीडिएट के चार लाख एक हजार 17 परीक्षार्थी शामिल हैं।
शनिवार को अंग्रेजी की परीक्षा में नकल करते 11 विद्यार्थी पकड़े गए। इनमें पांच छात्र एवं छह छात्राएं शामिल हैं। इस तरह परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 403 पहुंच गई है। वहीं, गड़बड़ी से संबंधित अलग-अलग मामलों में कुल 68 मुकदमे भी दर्ज कराए जा चुके हैं। परीक्षा समाप्त होने के छह दिन बाद मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। वक्त कम है, सो परीक्षा समाप्त होते ही यूपी बोर्ड के अफसर मूल्यांकन की तैयारियों में जुटे गए हैं ताकि अप्रैल के आखिर में परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सके।
परीक्षा के बाद जमकर खेली होली
इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने परीक्षा के बाद जमकर होली खेली। छात्राओं के विद्यालयों में परीक्षा के बाद पूरी तरह से होली का माहौल रहा, क्योंकि छात्राओं के विद्यालयों को स्वकेंद्र बनाया गया है। परीक्षा के बाद जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज, सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज समेत कई स्कूलों में छात्राओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। खुशी के इस माहौल में शिक्षक और शिक्षिकाएं भी शामिल हुए।
कलाई से उतारीं घड़ियां, छूटा पेपर
हाईकोर्ट के पास एक परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों की कलाई से घड़ियां उतरवा ली गईं। डिजिटल घड़ियों के साथ परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है, लेकिन संबंधित केंद्र में परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों की एनालॉग (सूई वाली) घड़ियां भी उतरवा ली गईं। छात्रों से कहा गया कि कमरे में घड़ी लगी है, लेकिन कलाई पर घड़ी की जरूरत नहीं है। छात्रों का आरोप है कि एक कमरे में परीक्षा के दौरान डेढ़ घंटे बाद घड़ी बंद हो गई और इसकी वजह से परीक्षार्थी पूरी तरह से पेपर हल नहीं कर सके।