UP Board : कंट्रोल रूम से रखी जाएगी हर परीक्षा केंद्र पर नजर, शासन की ओर से गाइड लाइन जारी
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं पर कंट्रोल रूम से भी निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में हर परीक्षा केंद्रों की ब्राडकास्टिंग भी होगी। इसके लिए सभी केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित डीवीआर के आईपी कोड आदि कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने होंगे।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं पर कंट्रोल रूम से भी निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में हर परीक्षा केंद्रों की ब्राडकास्टिंग भी होगी। इसके लिए सभी केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित डीवीआर के आईपी कोड आदि कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने होंगे।
प्रदेश, क्षेत्र एवं जिला तीनों ही स्तर पर कंट्रोल रूम खोले जाएंगे। शासन की ओर इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से सभी जिलों को पत्र लिखकर गाइडलाइन के अनुरूप कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा गया है।
जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम जिला विद्यालय निपरीक्षक कार्यालय या राजकीय विद्यालय या जनपदीय राष्ट्रीय सूचना केंद्र में बनाए जाएंगे। इस कंट्रोल रूम में हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी की मदद से निगरानी रखी जाएगी। इनकी ब्रॉडकास्टिंग भी की जाएगी। इसके लिए केंद्र प्रभारियों को विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित डीवीआर का स्टैटिक आईपी एड्रेस, यूजर आईडइ एवं पासवर्ड कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराना होगा। सभी कोड सील बंद लिफाफा में उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि इनकी गोपनियता बनी रहे।
इसी तरह से क्षेत्रीय कार्यालयों तथा प्रदेश मुख्यालय में भी कंट्रोल रूम होगा और वहां से भी बोर्ड परीक्षा पर निगरानी रखी जाएगी। परिषद के सचिव की ओर से गाइडलाइन के अनुसार पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
10 से 16 केंद्र पर होगा एक कंप्यूटर
कंट्रोल रूम के लिए कम्प्यूटर उन केंद्रों से उपलब्ध कराए जाएंगे जहां परीक्षा नहीं होनी है। गाइडलाइन के अनुसार एक कम्प्यूटर से अधिकतम 16 परीक्षा केंद्र जुड़े होंगे। वहीं न्यूनतम केंद्रों की संख्या 10 होगी। इन केंद्रों की निगरानी के लिए हर कम्प्यूटर पर दो-दो शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर नकल होने या अन्य तरह की हलचल होती है तो जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से सचल दस्ते को सूचित करने की जिम्मेदारी इन शिक्षकों पर होगी।