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यूपी बार कौंसिल में नहीं थमा विवाद, हरिशंकर सिंह ने खुद को बताया अध्यक्ष

Tue, 18 Jun 2019 01:54 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 18 Jun 2019 01:54 AM IST
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UP Bar Council not to quarrel, Harishankar Singh told himself
दरवेश सिंह यादव का फाइल फोटो - फोटो : social media
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष का विवाद थमने के बजाए बढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार को सदस्य हरिशंकर  सिंह ने पत्रकार वार्ता बुला कर खुद को अब पूरे एक वर्ष के कार्यकाल का अध्यक्ष बताया तो वहीं उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने दावा किया है कि फिलहाल कार्यवाहक अध्यक्ष के पद पर वहीं है और छह माह के लिए अध्यक्ष कौन होगा इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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12 जून को बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या हो गई थी। वह छह माह के  लिए अध्यक्ष चुनी गई थी। दरवेश का कार्यकाल 11 दिसंबर तक था। इसके बाद 12 दिसंबर से हरिशंकर सिंह का कार्यकाल अगले छह माह से शुरू होना था। निर्वाचित होने के तीसरे दिन ही दरवेश की हत्या हो जाने के बाद यह प्रश्न उठा कि अब 11 दिसंबर तक के लिए अध्यक्ष कौन बनेगा।
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सोमवार को हरिशंकर सिंह ने संवादाताओं को बताया कि चूंकि दरवेश यादव के बाद उनको ही अध्यक्ष बनना था इसलिए पद रिक्त होने पर अब वह पूरे कार्यकाल के लिए अध्यक्ष माने जाएंगे। हालांकि उनको पूरे कार्यकाल का अध्यक्ष माने जाने पर कितने सदस्य सहमत हैं और किस बैठक में इस पर निर्णय हुआ इसके जवाब में उनका कहना था कि कई स्थान पर कानून मौन है। कौंसिल में दो अध्यक्ष होने की स्थिति का कोई जिक्र न होने के कारण पहली बार ऐसी स्थिति बनी है इसलिए उनका दावा एकदम सही है। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में काम शुरू कर दिया है और सदस्यता पंजीकरण सहित अन्य प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं।
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उपाध्यक्ष ही होता है कार्यवाहक अध्यक्ष
बार कौंसिल के उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल का दावा है बार कौंसिल के नियमों के अनुसार अध्यक्ष का पद रिक्त होेने की स्थिति में उपाध्यक्ष ही कार्यवाहक अध्यक्ष होता है जब तक कि अलग चुनाव न हो जाए। कौंसिल के रूल 17 के अनुसार पद रिक्त होने पर अगला अध्यक्ष चुने जाने तक उपाध्यक्ष को ही अध्यक्ष का कार्य देखने का अधिकार है। अब तक कई ऐसे उदाहरण हैं जब अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में या पद रिक्त होने पर उपाध्यक्ष ने ही कार्यवाहक अध्यक्ष का काम देखा है। अटल का कहना है कि 13 जुलाई को बार कौंसिल सदस्यों की बैठक बुलाई गई है। उसमें यदि सहमति से कोई फैसला होता है तो ठीक है अन्यथा नए सिरे से चुनाव कराया जाएगा। 
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