भाजपा ने प्रयागराज की 12 विधानसभा सीटों में से छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। इसमें चार सीटों पर मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जताते हुए फिर से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि दो सीटों फाफामऊ और कोरांव सीट पर मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया गया है।
up assembly election 2022 : प्रयागराज में भाजपा ने दो विधायकों के टिकट काटे, जानें किन दिग्गजों को बनाया उम्मीदवार
शुक्रवार को घोषित किए गए प्रत्याशियों की सूची में भाजपा ने शहर पश्चिम से सिद्धार्थनाथ सिंह, शहर दक्षिण से नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मेजा से नीलम करवरिया और फूलपुर से प्रवीण पटेल को फिर से टिकट दिया है।
कुछ सीटें घटक दलों को दे सकती है बीजेपी
प्रयागराज की शेष छह सीटों पर पार्टी ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। माना जा रहा है कि इसमें से कुछ सीटें गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों को दी जा सकती हैं। शहर उत्तरी, हंडिया, प्रतापपुर, बारा, करछना और सोरांव की सीटों में से कुछ पर अपना दल एस और निषाद पार्टी के प्रत्याशियों को देने की चर्चा चल रही है।
इसी तरह भाजपा ने प्रतापगढ़ में रामपुर खास से नागेश प्रताप सिंह छोटे सरकार, बाबागंज सुरक्षित से केशव पासी, कुंडा से सिंधुजा मिश्रा और पट्टी से राजेंद्र प्रताप सिंह मोती को टिकट दिया है। मोती सिंह पट्टी से निवर्तमान विधायक के साथ प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। इसी तरह कौशाम्बी की मंझनपुर सुरक्षित सीट से लाल बहादुर को फिर भाजपा ने टिकट दिया है।
दोनों विधायकों से जनता में थी नाराजगी
कोरांव और फाफामऊ विधानसभा के वर्तमान विधायकों के टिकट काटे जाने की पटकथा पहले ही लिख दी गई थी। इन दोनों से ही क्षेत्रीय लोगों में खासी नाराजगी थी। पिछले चुनाव में राजमणि कोल प्रयागराज में सर्वाधिक मत पाकर कोरांव से निर्वाचित हुए थे, लेकिन विधायक बनने के बाद वह जनता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। संघ पदाधिकारियों के साथ ही भाजपा प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं से भी लोगों ने उनकी शिकायत की।
इसी तरह फाफामऊ विधायक विक्रमाजीत मौर्य डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भले ही करीबी रहे हों लेकिन क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे। गिने चुने कार्यकर्ताओं को महत्व देने की वजह से काफी कार्यकर्ताओं में असंतोष था। क्षेत्र की कुछ सड़कों का निर्माण न होने की वजह से भी लोगों में नाराजगी रही। अमर उजाला ने भी पूर्व में इन दोनों विधायकों के टिकट काटे जाने की अटकलों को लेकर समाचार प्रकाशित किया था।
आरती कोल
भारतीय जनता पार्टी कोरांव 265 सुरक्षित विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनीं आरती कोल पूर्व में एक बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। विधानसभा क्षेत्र के पचेड़ा गांव की मूल निवासी हैं। आरती कोल मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी प्रयागराज में जिला मंत्री के पद पर पदासीन हैं। इनका मायका भी काफी पहले से राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
भाईलाल कोल सोनभद्र के सांसद भी रहे हैं। यह पिछले 10 सालों से बीजेपी की पदाधिकारी हैं। यह एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार की हैं। इनके पति खनन विभाग में कार्यरत हैं। एक पुत्र और एक पुत्री हैं। पिछली बार 2017 में टिकट मिलते मिलते रह गया था। तब भी पार्टी में पूरी निष्ठा से लगातार कार्य करती रहीं।
गुरु प्रसाद मौर्य
254 विधानसभा फाफामऊ के भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी गुरु प्रसाद मौर्य भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता रहने के साथ राजनीतिक की शुरुआत की। मौर्य बसपा के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में राजनीति शुरू किया। विधानसभा नवाबगंज से बसपा से चुनाव में जीत हासिल करते हुए राजनीति में सक्रिय रहे। देश व प्रदेश की राजनीति में परिवर्तन की लहर के बीच गुरु प्रसाद मौर्य भाजपा में शामिल हो गए।
नीलम करवरिया
काफी ऊहापोह के बाद आज मेजा विधानसभा में विधायक नीलम करवरिया को भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। नीलम करवरिया 2017 के विधानसभा चुनाव में लगभग 20000 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के रामसेवक पटेल को पराजित कर मेजा से पहली महिला विधायक होने का गौरव प्राप्त किया था।