up assembly election 2022 : पूर्व विधायक डॉ. वाचस्पति अपना दल एस में हुए शामिल, इस सीट से बन सकते हैं उम्मीदवार
एक बार बसपा और एक बार सपा से विधानसभा पहुंच चुके डॉ. वाचस्पति ने अब अपना दल का दामन थाम लिया है। उन्होंने अपना दल एस की मुखिया केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
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पूर्व विधायक वाचस्पति अपना दल (एस) में शामिल हो गए। लखनऊ में वाचस्पति को अद सुप्रीमो अनुप्रिया पटेल ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। सिराथू क्षेत्र से दो बार विधायक रहे वाचस्पति ने सियासी सफर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी।
इसके बाद उन्होंने हाथी और फिर साइकिल की सवारी की। अब उन्होंने अपना दल एस का दामन थाम लिया है। सियासी सूत्रों का कहना है कि वह प्रयागराज के सोरांव सीट से चुनावी समर में किस्मत आजमा सकते हैं।
वाचस्पति ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी। वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में वह मंझनपुर सरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे। चुनाव में उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद 2004 के लोकसभा में भाजपा ने उन्हें चायल संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्हें मात्र 640 मतों से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
सोरांव से एक बार लड़ चुके हैं चुनाव
2007 के विधानसभा चुनाव में पाला बदलकर वाचस्पति ने हाथी की सवारी की। इस चुनाव में उन्हें सफलता मिली और वह विधायक निर्वाचित हुए। लेकिन अगले ही चुनाव में वाचस्पति ने एक बार फिर दल बदल लिया। 2012 में उन्होंने अपना दल के टिकट से सोरांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वाचस्पति 28 हजार वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे।
2014 में दोबारा बने विधायक
इसके बाद केशव मौर्य के इस्तीफा देने से खाली हुई सिराथू सीट पर वर्ष 2014 में हुए विधानसभा के उपचुनाव में वाचस्पति एक बार फिर पाला बदलकर साइकिल पर सवार हो गए। सिराथू के उपचुनाव में वह दोबारा विधायक निर्वाचित हुए।
2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने उन्हें फिर से सिराथू से उम्मीदवार बनाया। हालांकि, मोदी लहर में चुनाव में सपा के सिटिंग विधायक वाचस्पति को हार का सामना पड़ा। इस चुनाव में वह भाजपा से प्रयागराज की बारा अथवा कौशाम्बी की मंझनपुर सीट से दावेदारी के लिए सियासी आकाओं की परिक्रमा कर रहे थे।
बात नहीं बनने पर रविवार को उन्होंने भाजपा गठबंधन में शामिल अपना दल (एस) का दामन थाम लिया। सूत्रों का कहना है कि इस चुनाव में वह प्रयागराज के सोरांव विधानसभा से किस्मत आजमा सकते हैं।
पत्नी रह चुकी हैं जिला पंचायत अध्यक्ष
डॉ. वाचस्पति की पत्नी मधु वाचस्पति कौशाम्बी की दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वह जिले के कद्दावर नेता माने जाते हैं। माना जा रहा है कि अपना दल उन्हें सुरक्षित सीट बारा या सोरांव के अलावा कौशांबी की चायल सीट से मैदान में उतार सकती है।