IT Raids: प्रकाशन समूहों के पास मिली सौ करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति, आयकर विभाग की तीन दिन तक चली कार्रवाई
तीन दिन तक चली सघन छापे की कार्रवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। इस अवधि में मिली अघोषित संपत्ति के बारे में आयकर विभाग की टीम ने समूहों के स्वामियों से कागजात मांगे हैं। यह संपत्ति उनके पास कहां से और कैसे आई, इसकी जांच की जा रही है।
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प्रकाशन समूह के ठिकानों पर तीन दिन तक चली आयकर विभाग की कार्रवाई में सौ करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्ति का पता चला है। इसका रिकॉर्ड नहीं मिल सका। इसमें भूमि और ज्वेलरी भी शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग जगहों से डेढ़ करोड़ रुपये फिर मिले हैं। इसके साथ ही नकदी की बरामदगी बढ़कर 6.50 करोड़ रुपये हो गई है। इसके साथ ही सात किलो से अधिक सोने के आभूषण भी मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
तीन दिन तक चली सघन छापे की कार्रवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। इस अवधि में मिली अघोषित संपत्ति के बारे में आयकर विभाग की टीम ने समूहों के स्वामियों से कागजात मांगे हैं। यह संपत्ति उनके पास कहां से और कैसे आई, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल कागज नहीं दिखाए जा सके हैं।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार सुबह भी प्रकाशन समूह के प्रयागराज के अलावा दिल्ली और मुंबई के 20 से अधिक ठिकानों पर छापे की कार्रवाई पूरी की। सिविल लाइंस, बमरौली, कटरा, चर्चलेन, हीवेट रोड, रामबाग, नैनी, जीरो रोड स्थित ज्वेलरी शॉप, प्रिंटिंग प्रेस के रिकॉर्ड खंगालने के बाद सौ करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
जिन ठिकानों पर आयकर की टीम ने छापे की कार्रवाई की है, उनमें अधिकांश प्रतिष्ठान एक बड़े कारोबारी के हैं, जबकि अन्य में उसके कुछ करीबी भी शामिल हैं। इन तीन दिनों में जांच टीमों को कारोबारियों के यहां से नकदी, आभूषण, संपत्ति के कागजात मिले हैं। करीब 6.50 करोड़ रुपये नकद मिले हैं, जिसे बैंकों में जमा करवा दिया गया है।
वहीं, आभूषणों की सूची बनाते हुए लॉकरों को भी सीज कर दिया गया है। आयकर विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक कारोबारी के यहां से सात किलो से अधिक सोने के आभूषणों का हिसाब नहीं मिला है। सबसे अधिक रुपये भी यहीं से बरामद हुए हैं। भूमि, भवन के कागज मिले हैं, जिसे टीमों ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कारोबारी द्वारा पत्रिका मार्ग पर अभी कुछ समय पहले ही करोड़ों की जमीन खरीदी गई है। इसके अलावा जिले में और भी कई जगह भूमि और भवनों का पता चला है। दिल्ली, मुंबई में भी संपत्तियां खंगाली गई हैं।