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स्नातक में होगी उपभोक्ता अधिकार की पढ़ाई

Fri, 16 Feb 2018 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 16 Feb 2018 02:02 AM IST
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Undergraduate studies of consumer rights
यूजीसी
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक के छात्र-छात्राएं अब उपभोक्ता अधिकार एवं उससे जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में पढ़ेंगे। स्नातक में ‘कंज्यूमर स्टडीज’ को ऐच्छिक विषय के रूप में लागू किए जाने की तैयारी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की पहल पर नए पाठ्यक्रम का स्वरूप तैयार कर लिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर कहा गया है कि इस पाठ्यक्रम को सुविधानुसार लागू करें।
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यूजीसी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत उपभोक्ता अधिकार को प्रोत्साहित और बचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। सभी वर्गों में उपभोक्ताओं को अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है। इनमें कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। यूजीसी का मानना है कि छात्र-छात्राओं को अगर उपभोक्ता संरक्षण के बारे में अलग से पढ़ाया जाए तो भविष्य में समाज के लिए यह बेहतर होगा, क्योंकि आगे चलकर इन्हीं को समाज का प्रतिनिधित्व करना है। उपभोक्ता मामलों से संबंधित पाठ्यक्रम विशेषज्ञ कमेटी की ओर से तैयार किया जा चुका है। इसे स्नातक में ऐच्छिक पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया जाना है। किसी भी विषय के छात्र इस पाठ्यक्रम को पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा गया है कि इस पाठ्यक्रम को अपने विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में सुविधानुसार लागू करें। यूजीसी ने यह सलाह भी दी है कि पाठ्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विश्वविद्यालय अपने यहां टीचिंग स्टाफ के लिए फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन भी कर सकते हैं। यूजीसी की ओर से प्रस्तावित पाठ्यक्रम के साथ पुस्तकों और आर्टिकल्स की सूची भी जारी की गई है।
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उपभोक्ता अधिकार से संबंधित पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए पांच यूनिटें निर्धारित की गई हैं और कुल 65 लेक्चर यानी प्रत्येक यूनिट में 13-13 लेक्चर होंगे। अधिकतम 100 अंकों का प्रश्नपत्र होगा। पहली यूनिट के तहत उपभोक्ता एवं बाजार, असंतुष्ट होने की स्थिति में उपभोक्ता क्या करें, इस बारे में पढ़ाया जाएगा। दूसरी यूनिट के तहत भारत में उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित कानून के बारे में बताया जाएगा और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में संगठित व्यवस्था के बारे में पढ़ाया जाएगा। तीसरी यूनिट के तहत उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। चौथी यूनिट के तहत उपभोक्ता संरक्षण में इंडस्ट्री रेगुलेटर्स के बारे में बताया जाएगा, वहीं पांचवीं यूनिट के तहत उपभोक्ता मामलों से जुड़े समसामयिक मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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