Umesh Pal Hatyakand : उमेश पाल हत्याकांड में घायल गनर राघवेंद्र सिंह की भी मौत, पीजीआई में चल रहा था इलाज
उमेश पाल हत्याकांड में मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई। एक गनर उमेश पाल और एक गनर संदीप निषाद की मौत मौके पर ही हो गई थी। गंभीर रूप से घायल राघवेंद्र को पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
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उमेश पाल हत्याकांड में घायल गनर राघवेंद्र सिंह की भी मौत हो गई। उसका उपचार पीजीआई लखनऊ में चल रहा था। मंगलवार को डॉक्टरों ने उसके शरीर में संक्रमण फैलने की बात बताई थी। बुधवार को उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद उमेश पाल हत्याकांड में मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई। एक गनर उमेश पाल और एक गनर संदीप निषाद की मौत मौके पर ही हो गई थी। गंभीर रूप से घायल राघवेंद्र को पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
धूमनगंज थाने से करीब 300 मीटर दूरी पर स्थित उमेश पाल को उनके घर के सामने शूटरों ने गोली मारी थी। इस वारदात से पूरा जिला दहल उठा था। इसकी गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की क्रेटा कार चलाने वाले बदमाश अरबाज को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। साथ ही अतीक के करीबी जफर के उस मकान को भी बुधवार को पीडीए ने ध्वस्त कर दिया, जिसमें अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन बच्चों के साथ रहती थी।
लालगंज क्षेत्र के कोरिहर गांव का रहने वाला था घायल सिपाही राघवेंद्र
लालगंज क्षेत्र के कोरिहर गांव निवासी राघवेंद्र के पिता रामसुमेर सिंह पुलिस विभाग में सिपाही थे, जिनका बीमारी से देहांत हो गया था। राघवेंद्र को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। परिवार में मां अरुणा, बहन अर्चना और भाई ज्ञानेंद्र हैं। पांच मई को राघवेंद्र की शादी भी तय है। प्रयागराज में हुई घटना में अपराधियों ने राघवेंद्र पर बम से हमला करते हुए गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हुए थे।
एसआरएन अस्पताल से किया गया था रेफर
प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय से पीजीआई 186 किमी की दूरी पर है। राघवेंद्र को लेकर एंबुलेंस ने इसे दो घंटे 24 मिनट में पूरा किया था। निगोहां बॉर्डर से एंबुलेंस 86 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी और 30 किमी की दूरी तय कर 8.39 बजे पीजीआई पहुंच गई थी।