उमेश पाल हत्याकांड : साबिर और गुड्डू मुस्लिम की तलाश के लिए STF ने फिर कसी कमर, बिहार में मिली है लोकेशन
उमेश पाल की हत्या के चार माह बीतने के बाद भी पांच लाख के इनामी बमबाज गुड्डू मुस्लिम का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। उसकी तलाश में पुलिस ने बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लेकर नेपाल तक खाक छानी लेकिन उसका पता नहीं चला। एसटीएफ अब एक बार फिर उसकी खोजबीन के लिए टीमें कई राज्यों में भेज रही है।
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पांच लाख के इनामी गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश में एसटीएफ फिर सक्रिय हो गई है। उनकी खोज के लिए तमाम रिश्तेदारों और करीबियों को नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक असद, गुलाम, अरबाज और विजय चौधरी उर्फ उस्मान एनकाउंटर की जांच के कारण पुलिस थोड़ी ढीली हुई थी। अब फिर से गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश तेज कर दी गई है। हत्याकांड में शामिल एक अन्य शूटर अरमान का भी अब तक कुछ पता नहीं चला है। उसकी तलाश में जल्द ही पुलिस की टीमों को बिहार भेजा जाएगा।
गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल की हत्या के बाद से ही फरार चल रहा है। वह कुछ दिनों तक जिले के आसपास के इलाकों में घूमता रहा, लेकिन जब उसकी सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी तो वह भूमिगत हो गया। उसकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगाई गई हैं, लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं लग सका है। वह अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी के मेरठ स्थित घर पर भी देखा गया था। इसके बाद से पुलिस ने आयशा नूरी और अखलाक की खोजबीन भी शुरू कर दी थी। अखलाक को तो पुलिस ने दबोच लिया, लेकिन आयशा नूरी का सुराग नहीं लग सका है।
सीसीटीवी में बम बरसाते देखा गया था गुड्डू मुस्लिम
बमबाज गुड्डू मुस्लिम 24 फरवरी को धूमनगंज में उमेश पाल हत्याकांड के दौरान बम बरसाते देखा गया था। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। उसके बम की चपेट में आने से ही उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात सिपाही राघवेंद्र की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि गुड्डू मुस्लिम बम बनाने और फेंकने में माहिर है। वह अपने दुश्मनों पर बम से ही हमला करता है। इसके पहले भी वह कई बार इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। इसके ऊपर पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।
गुड्डू मुस्लिम का घर अभी तक पुलिस न तो ढहा सकी है न ही उसे सील कर सकी है। हालांकि इसमें उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता है। चकिया इलाके के चकनिरातुल मुहल्ले में एक सकरी गली के अंदर गुड्डू मुस्लिम का घर है। गली में बड़े वाहन नहीं जा सकते हैं। इसलिए उसके घर को ढहाने के बजाय सील करने की कार्रवाई की जानी थी लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में है। उसके घर की गली के सामने ही मेन रोड पर उसका चिकन और मटन का शॉप भी है। इसको भी पुलिस ने अभी तक ध्वस्त नहीं किया है। ध्वस्तीकरण के लिए पीडीए ने कई बार नोटिस चस्पा किया, लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी है।
साबिर, अरमान ने मारी थी गनर को गोली
पांच लाख के दो इनामी शूटर साबिर व अरमान भी पुलिस को छकाने में अब तक कामयाब रहे हैं। साबिर तो फरारी के दौरान दो बार प्रयागराज भी आ चुका है और पुलिस को भनक लगने से पहले ही भाग भी निकला। उधर अरमान के बारे में यह भी बात सामने आई थी कि उसने बिहार में किसी पुराने मामले में सरेंडर कर दिया। हालांकि प्रयागराज पुलिस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया गया। बता दें कि उमेश पाल के गनर संदीप निषाद (जो घटना के वक्त कार में ही बैठा था) को गोली से साबिर व अरमान ने ही भूना था।