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Umesh Pal Murder: एसआईटी ने बरेली जेल के अफसरों से स्टाफ तक के खाते खंगाले, रडार पर प्रयागराज की 500 गाड़ियां
Wed, 15 Mar 2023 11:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:31 AM IST
सार
एसआईटी प्रभारी आशीष प्रताप सिंह ने मंगलवार को जिला जेल जाकर पूछताछ की। सीसीटीवी का छूटा हुआ डाटा लिया और जरूरी लोगों के बयान दर्ज किए। दरअसल सात अधिकारियों व जेल कर्मियों को निलंबित करने के बाद उनके नाम मुकदमे में बढ़ाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली जेल में हो रहे खेल के सार्वजनिक होने के बाद अफसरों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। अब मुकदमे में इनके नाम शामिल कर गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। मंगलवार को एसआईटी एक बार फिर जेल पहुंची और रिकॉर्ड खंगाले गए।
एसआईटी प्रभारी आशीष प्रताप सिंह ने मंगलवार को जिला जेल जाकर पूछताछ की। सीसीटीवी का छूटा हुआ डाटा लिया और जरूरी लोगों के बयान दर्ज किए। दरअसल सात अधिकारियों व जेल कर्मियों को निलंबित करने के बाद उनके नाम मुकदमे में बढ़ाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
यहां तैनात सभी जेल अधिकारियों और दोषी पाए जा रहे कर्मचारियों के बैंक खातों का भी ब्योरा तैयार किया जा रहा है। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि अशरफ व सद्दाम से आर्थिक या तकनीकी (मोबाइल, व्हाट्सएप आदि) जुड़ाव मिलने पर मुकदमे में नाम शामिल कर इनमें से कुछ की गिरफ्तारी हो सकती है।
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जेल अधीक्षक का जवाब मिलने के बाद होगी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक प्रभारी डीआईजी जेल की जांच में जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला भी दोषी बताए गए हैं। बाकी लोगों के साथ उनकी रिपोर्ट भी डीजी जेल को भेजी गई थी। डीजी जेल के स्तर से बाकी लोगों पर कार्रवाई कर दी गई, पर नियमानुसार जेल अधीक्षक को नोटिस देकर उनका जवाब तलब किया गया है। इन पर अब शासन स्तर से कार्रवाई होनी प्रस्तावित है।
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एसआईटी प्रभारी आशीष प्रताप सिंह ने मंगलवार को जिला जेल जाकर पूछताछ की। सीसीटीवी का छूटा हुआ डाटा लिया और जरूरी लोगों के बयान दर्ज किए। दरअसल सात अधिकारियों व जेल कर्मियों को निलंबित करने के बाद उनके नाम मुकदमे में बढ़ाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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यहां तैनात सभी जेल अधिकारियों और दोषी पाए जा रहे कर्मचारियों के बैंक खातों का भी ब्योरा तैयार किया जा रहा है। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि अशरफ व सद्दाम से आर्थिक या तकनीकी (मोबाइल, व्हाट्सएप आदि) जुड़ाव मिलने पर मुकदमे में नाम शामिल कर इनमें से कुछ की गिरफ्तारी हो सकती है।
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जेल अधीक्षक का जवाब मिलने के बाद होगी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक प्रभारी डीआईजी जेल की जांच में जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला भी दोषी बताए गए हैं। बाकी लोगों के साथ उनकी रिपोर्ट भी डीजी जेल को भेजी गई थी। डीजी जेल के स्तर से बाकी लोगों पर कार्रवाई कर दी गई, पर नियमानुसार जेल अधीक्षक को नोटिस देकर उनका जवाब तलब किया गया है। इन पर अब शासन स्तर से कार्रवाई होनी प्रस्तावित है।
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जिस जेल में चलता था सिक्का, वहीं बने बंदी
शिवहरि अवस्थी और मनोज गौड़ जेल अधिकारियों के करीबी थे। किसी समय दोनों का सिक्का पूरी जेल में चलता था। अब दोनों उसी जेल में बंदी बनकर पहुंचे हैं। एसआईटी की इस कार्रवाई से जेल स्टाफ भी सहमा हुआ है। अधिकतर स्टाफ ने अपने फोन से व्हाट्सएप हटा दिया है। कई ने मोबाइल भी बंद कर दिए हैं।
तीन टोल प्लाजा ने खोला राज
प्रयागराज के नंबर वाली कारों पर भी एसआईटी की नजर है। तीन टोल प्लाजा से प्रयागराज के नंबर की करीब पांच सौ गाड़ियों का डाटा मिला है, जो दो महीने में बरेली होकर गुजरी हैं। इन गाड़ियों के मालिकों का पता लगाकर कनेक्शन जोड़ने की तैयारी है।
एसपी सिटी राहुल भाटी और सीओ थ्री आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में काम कर रही एसआईटी ने भोजीपुरा, फतेहगंज पश्चिमी और सीतापुर के टोल प्लाजा प्रबंधन से एक जनवरी के बाद से वहां से गुजरने वाली यूपी 70 नंबर वाली गाड़ियों का डाटा मांगा है। इसमें करीब पांच सौ वाहनों का डाटा मिला है। ये वो गाड़ियां हैं, जो बरेली खासतौर से बड़ा बाईपास से होकर गुजरी हैं। यहां से जिला जेल ज्यादा दूर नहीं है।
फिलहाल इन गाड़ियों के मालिकों का नाम-पता जुटाया जा रहा है। पुलिस को शक है कि शूटर व अतीक के गुर्गों का इन गाड़ियों से जुड़ाव जरूर निकलेगा। इस तरह आरोपियों को कानूनी तौर पर घेरने का पुलिस को मौका मिल सकेगा।