उमेश पाल हत्याकांड : शाइस्ता परवीन की अर्जी पर नहीं हो सकी सुनवाई, कोर्ट ने स्पष्ट आख्या देने का दिया आदेश
माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की अर्जी पर बृहस्पतिवार दो मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी। क्योंकि, न्यायालय में प्रभारी निरीक्षक धूमनगंज ने रिपोर्ट नहीं प्रेषित की।
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माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की अर्जी पर बृहस्पतिवार दो मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी। क्योंकि, न्यायालय में प्रभारी निरीक्षक धूमनगंज ने रिपोर्ट नहीं प्रेषित की। उनके स्थान पर एक सिपाही की ओर से रिपोर्ट पेश की गई थी, जिस पर शाइस्ता के अधिवक्ताओं ने कड़ा प्रतिवाद किया। इसके बाद न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक थाना धूमनगंज से मामले में स्पष्ट आख्या देने का आदेश दिया। इसके साथ ही मामले की सुनवाई के लिए तीन मार्च की तिथि तय कर दी।
यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम ने अधिवक्ता विजय मिश्रा एवं मनीष खन्ना के तर्कों को सुनने के बाद दिया। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि धूमनगंज थाने की पुलिस शाइस्ता के दो बेटों को शुक्रवार की रात घर से उठाकर ले गई है और अभी तक उनका कोई पता नही चल पाया है। थाने की पुलिस के द्वारा कोई जानकारी दी नही की जा रही है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धूमनगंज थाने से आख्या तलब की थी।
अशरफ की पत्नी की अर्जी पर आख्या तलब, आज होगी सुनवाई
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और उसकी बच्ची को पुलिस द्वारा जबरन उठा लिए जाने और दोनों को कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में थाना धूमनगंज से तीन मार्च तक आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम ने अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा के अधिवक्ताओं को सुनकर दिया है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जैनब फातिमा खालिद अजीम उर्फ अशरफ की पत्नी है। उसकी एक बेटी आयशा नूरी (14) है। दोनों को 28 फरवरी 2023 की रात तीन बजे धूमनगंज, पुरामुफ्ती थाने की पुलिस उठाकर ले गई है। दोनों को ले जाने का कोई कारण नहीं बताया है। न ही बता रहे हैं। इसलिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 97 व 98 के अंतर्गत उचित और आवश्यक आदेश पारित किया जाए। ताकि, दोनों के जानमाल की सुरक्षा हो सके।
आज नहीं हो सकी उमेश पाल अपहरण मुकदमे की सुनवाई
उमेश पाल के अपहरण के मुकदमे की सुनवाई बृहस्पतिवार को नहीं हो सकी। अब यह सुनवाई शुक्रवार को होगी। अपहरण मामले की सुनवाई एमपी एमएलए की विशेष न्यायालय में हो रही है। बृहस्पतिवार को कोर्ट के न होने की वजह से सुनवाई को एक दिन के लिए टाल दिया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य ने बताया उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उमेश पाल अपहरण के मुकदमे की सुनवाई रोजाना हो रही है। उच्च न्यायालय का आदेश है कि मुकदमे का फैसला 16 मार्च से पहले आना है।