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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Umesh Pal murder case: Only mother-sister-in-law left in Arbaaz house, both imprisoned themselves

उमेश पाल हत्याकांड: मुठभेड़ में मारे गए अरबाज के घर में बचीं सिर्फ मां-भाभी, दोनों ने खुद को किया कैद

Tue, 28 Feb 2023 10:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 28 Feb 2023 10:50 AM IST
सार

उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अरबाज को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया। उसका साथी मौके से फरार हो गया। तीन दिन पहले राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल को बदमाशों ने उसके घर के पास दौड़ाकर बम-गोली से उड़ा दिया था। अरबाज उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार से शूटरों को घटनास्थल पर ले गया था।

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Umesh Pal murder case: Only mother-sister-in-law left in Arbaaz house, both imprisoned themselves
उमेश पाल की हत्या का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके गनर की हत्या के मामले में सोमवार को मुठभेड़ के दौरान मारे गए अरबाज के घर ही नहीं बल्कि उसके गांव में भी सन्नाटा पसरा रहा। पिता आफाक और चार भाई घटना के बाद से ही गायब हैं। घर में सिर्फ मां और उसकी भाभी ही हैं। उन्होंने भी खुद को घर के भीतर ही कैद कर लिया है।
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उधर, गांव वाले भी इस बाबत कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सल्लाहपुर में रहने वाला अफाक उर्फ मिंगा माफिया अतीक अहमद की गाड़ी चलाता था। 2005 में राजू पाल हत्याकांड के बाद उसने खुद को अतीक से अलग कर लिया। लेकिन, कुछ सालों बाद फिर उसकी गाड़ी चलाने लगा। 
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अतीक के जेल जाने के बाद से काम धंधा बंद हुआ तो उसने घर में ही पोल्ट्री फार्म खोल लिया। पांच बेटों में दूसरे नंबर का अरबाज इसी पोल्ट्री फॉर्म की गाड़ी चलाता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले 4-5 दिनों से कुछ लोग उससे मिलने जुलने आया करते थे। 
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उमेश पाल की हत्या के बाद से अचानक वह गायब हो गया। सोमवार को उसके मुठभेड़ में मारे जाने की खबर पहुंची तो घरवाले और गांव वाले स्तब्ध रह गए। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही उसकी मां और भाभी ने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया और किसी से कोई बात नहीं की। 

 

चर्चा इस बात की भी रही कि अरबाज को एक दिन पहले ही बांदा से पकड़ लिया गया था। एक चर्चा यह भी रही कि सोमवार को कुछ पुलिसकर्मी सुबह 11 बजे के करीब अरबाज के घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने उसकी मां और भाभी से अरबाज का आधार कार्ड लिया और चले गए। हालांकि इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अरबाज को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया। उसका साथी मौके से फरार हो गया। तीन दिन पहले राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल को बदमाशों ने उसके घर के पास दौड़ाकर बम-गोली से उड़ा दिया था। अरबाज उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार से शूटरों को घटनास्थल पर ले गया था।

पुलिस को सूचना मिली कि अरबाज धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेम सराय में नेहरू पार्क के पास जंगल में मौजूद है। खबर मिलते ही एसओजी और पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। घिरने पर अरबाज मोटरसाइकिल से अपने एक साथी के साथ भागने लगा। उसने पुलिस पर गोलियां चलानी भी शुरू कर दी। एक गोली धूमनगंज के इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के हाथ में लगी।

इसके बाद पुलिस वालों ने भी जवाबी गोलियां चलानी शुरू की। पुलिस की गोलीबारी में अरबाज वहीं गिर गया, लेकिन उसका साथी मौके से फरार हो गया। अरबाज और इंस्पेक्टर मौर्य को तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया गया, जहां डॉक्टरों ने अरबाज को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और एडीसीपी आकाश कुलहरि समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायल इंस्पेक्टर का हालचाल भी लिया।
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