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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Umakant Yadav's petition dismissed, court said - punishment for the first time in the journey of 46 years long

यूपी : बाहुबली उमाकांत यादव की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- 46 वर्ष के लंबे अपराध के सफर में पहली बार मिली सजा

Thu, 23 Feb 2023 12:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Feb 2023 12:01 AM IST
सार

कोर्ट ने कहा चार्ज निर्मित करने या अपराध से उन्मोचित करने की सुनवाई के समय कोर्ट देखेगी कि विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्य से प्रथम दृष्टया अपराध कारित हुआ है या नहीं। याची का कहना था कि लोक सेवक के नाते चार्जशीट दाखिल करने से पहले अभियोग चलाने की शासन से अनुमति लेनी चाहिए थी।

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Umakant Yadav's petition dismissed, court said - punishment for the first time in the journey of 46 years long
उमाकांत यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लाइन बाजार, जौनपुर में दर्ज आपराधिक मामले में पुलिस चार्जशीट पर विशेष अदालत प्रयागराज द्वारा बाहुबली उमाकांत यादव की उन्मोचन (डिस्चार्ज) अर्जी निरस्त करने के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने उमाकांत यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

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कोर्ट ने कहा चार्ज निर्मित करने या अपराध से उन्मोचित करने की सुनवाई के समय कोर्ट देखेगी कि विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्य से प्रथम दृष्टया अपराध कारित हुआ है या नहीं। याची का कहना था कि लोक सेवक के नाते चार्जशीट दाखिल करने से पहले अभियोग चलाने की शासन से अनुमति लेनी चाहिए थी। कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले सकती। इसलिए उसके खिलाफ केस नहीं चल सकता।

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हाईकोर्ट कोर्ट ने कहा, यह तर्क विशेष अदालत में नहीं दिया गया। पहली बार उठाया गया है। ट्रायल के दौरान उचित समय पर उठाया जा सकता है। अभी मुद्दा प्रीमेच्योर (समय पूर्व) है। कोर्ट ने कहा विशेष अदालत ने अर्जी निरस्त करने में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।

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शातिर अपराधी कर रहा आनंद कोर्ट ने कहा याची दो बार सांसद व एक बार विधायक रहा है। वह हत्या जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त है। उसके खिलाफ 81 आपराधिक केसों का इतिहास है। जिसमें से 15 हत्या के केस हैं। शातिर अपराधी राजनीतिक संरक्षण व ताकत प्राप्त कर आनंद कर रहा है। हाल ही में जौनपुर की अदालत ने उसे अपराध का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने कहा याची के 46 साल के लंबी आपराधिक दुनिया के सफर में उसे पहली बार अपराध की सजा मिली है।

प्रश्नगत मामले में एसपी के आदेश से षड्यंत्र व फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोक संपत्ति हड़पने का केस दर्ज हुआ है। राजस्व अभिलेखों में उसका नाम भी दर्ज हो गया है। इसी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है और कोर्ट ने याची को अपराध से उन्मोचित करने की अर्जी निरस्त कर दी, जिसे पुनरीक्षण याचिका में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा पत्रावली पर अपराध कारित होने के साक्ष्य मौजूद हैं। विशेष अदालत एमपीएमएल प्रयागराज के आदेश पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।

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