यूको बैंक डकैती मामला : चार साल से वारिसों के इंतजार में पांच करोड़ के गहने
एक मई 2018, यह वह दिन था, जब एक घटना ने न सिर्फ पूरे जिले बल्कि राज्य को हिला दिया था। शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में यूको बैंक के 17 लॉकर काटकर करीब पांच करोड़ के गहने और 50 लाख नकद चोरी कर लिए गए थे।
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सुनने में अचरज भरी बात है लेकिन यह सच है। पांच करोड़ के गहने चार साल से वारिसों के इंतजार में हैं। यह वही गहने हैं जो सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक से चोरी किए गए थे। कार्यवाही, शिनाख्त की अनुमति के लिए पुलिस की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक यह लंबित है। नतीजतन घटना के चार साल बाद भी चोर गिरोह से बरामद गहने उनके मूल स्वामियों को नहीं मिल पाए हैं।
एक मई 2018, यह वह दिन था, जब एक घटना ने न सिर्फ पूरे जिले बल्कि राज्य को हिला दिया था। शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में यूको बैंक के 17 लॉकर काटकर करीब पांच करोड़ के गहने और 50 लाख नकद चोरी कर लिए गए थे। लॉकर गैस कटर से काटे गए थे। 13 दिन की कड़ी मशक्कत और तमाम राज्यों की धूल फांकने के बाद पुलिस ने कुख्यात हसन चिकना गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा कर दिया था।
हसन की तलाश प्रयागराज ही नहीं बल्कि झारखंड पुलिस भी कर रही थी। जिसने कुछ दिनों बाद मुंबई से उसे गिरफ्तार कर करीब पांच किलो गहने और नकदी बरामद की। पूछताछ में उसने बताया कि यह वही गहने हैं, जो उसने सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक से अपने गिरोह संग मिलकर चुराए थे। इधर, प्रयागराज पुलिस ने इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुछ गहने बरामद किए।
चार साल से अटका है मामला
सरगना हसन चिकना के कब्जे से बरामद गहने झारखंड पुलिस की कस्टडी में हैं। कोर्ट में जिला पुलिस की ओर से दिए गए आवेदन पर आदेशित किया गया कि मुकदमे के निस्तारण के बाद ही यह हस्तांतरित किए जा सकते हैं। इधर, प्रयागराज पुलिस की ओर से बरामद गहने उनके मूल मालिकों को कार्यवाही, शिनाख्त के फेर में नहीं दिए जा सके। पुलिस की ओर से इसके लिए पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाए गए।
क्या होती है कार्यवाही शिनाख्त
बरामदशुदा माल उसके सही मालिकों तक पहुंच सके, इसके लिए ही शिनाख्त की कार्यवाही अमल में लाई जाती है। आकार, वजन व पावती पर दर्ज रिकॉर्ड के जरिये पता लगाया जाता है कि दावा करने वाला व्यक्ति ही इसका सही हकदार है। इसके बाद लिखापढ़ी के बाद गहने संबंधित व्यक्ति को दे दिए जाते हैं।
सरगना समेत नौ जेल में, दो की तलाश जारी
मामला करोड़ों की चोरी का था, ऐसे में खुलासे के कुछ माह बाद ही विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई। क्राइम ब्रांच की ओर से मुख्य आरोपी व चोरी करने वाले गिरोह के सरगना हसन चिकना को मुकदमे में तलब कराकर वारंट बनवाया गया और दिसंबर 2021 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुल नौ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जिनमें से आठ नैनी जेल में हैं, जबकि सरगना हसन झारखंड जेल में है। गिरोह के दो सदस्यों मुख्तार और तबरेज की तलाश जारी है और उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू भी जारी हो चुका है। आरोपियों में से दो को छोड़कर अन्य सभी झारखंड के साहबगंज जनपद के रहने वाले र्हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
कार्यवाही, शिनाख्त की प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से कराई जाती है। इसके लिए उच्चाधिकारियों के माध्यम से पत्र भेजा जा चुका है। - सतीश चंद्र, एसपी क्राइम