गजब : प्रयागराज के रामबाग स्टेशन पर तीन घंटे के अंतराल में पहुंचीं दो विभूति एक्सप्रेस
बीते कुछ दिनों से हावड़ा से प्रयागराज आने वाली विभूति एक्सप्रेस यहां विलंब से पहुंच रही है। खास बात यह है कि इसका एक रेक ही लेट आ रहा है। जो एक-एक दिन के अंतराल पर यहां विलंब से पहुंच रहा है। एक दिन विभूति समय पर आती है तो उसके दूसरे दिन वह घंटों विलंब से पहुंचती है।
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प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर शनिवार को महज तीन घंटे के अंतराल में दो विभूति एक्सप्रेस आने से यात्री असमंजस में पड़ गए। जिनका प्रयागराज रामबाग से ट्रेन में रिजर्वेशन था वह इसी उधेड़बुन में रहे कि उन्हें किस विभूति एक्सप्रेस में सफर करना है।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से हावड़ा से प्रयागराज आने वाली विभूति एक्सप्रेस यहां विलंब से पहुंच रही है। खास बात यह है कि इसका एक रेक ही लेट आ रहा है। जो एक-एक दिन के अंतराल पर यहां विलंब से पहुंच रहा है। एक दिन विभूति समय पर आती है तो उसके दूसरे दिन वह घंटों विलंब से पहुंचती है। कुछ घंटे से शुरू हुई इसकी लेट लतीफी एक-एक दिन की हो गई है।
इसी वजह से शनिवार को यहां हावड़ा से 19 और 20 अक्तूबर को चलने वाली एक-एक करके दो विभूति एक्सप्रेस तीन घंटे के अंतराल में पहुंच गईं। यहां आने के बाद वही रेक वापस यहां से हावड़ा के लिए जाता है। इस दौरान जिन यात्रियों का प्रयागराज रामबाग से हावड़ा के लिए रिजर्वेशन था वह परेशान हो गए।
यात्री पूछताछ कार्यालय गए तो वहां से उन्हें कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला। जिनका रिजर्वेशन विभूति में 20 अक्तूबर को प्रयागराज रामबाग से था वे काफी परेशान दिखे। कुछ ने अपने रिजर्वेशन ही निरस्त करवा दिए तो कुछ रातभर प्लेटफॉर्म पर ही रुककर ट्रेन का इंतजार करते रहे।
ट्रेन यहां आने के बाद भी स्टेशन पर उन्हें इस बात की जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि वह कितने बजे जाएगी। इस आपाधापी में 20 अक्तूबर की विभूति दोपहर 1:35 बजे एवं 21 अक्तूबर वाली विभूति शाम पांच बजे यहां से रवाना हुई। वहीं, हावड़ा से 19 अक्तूबर वाली विभूति यहां सुबह 11:07 बजे और 20 वाली दोपहर 1:56 बजे यहां पहुंची।