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अदालतों में बढ़ेंगे ढाई हजार जजों के पद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 30 Oct 2015 01:56 AM IST
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह सूबे की निचली अदालतों में 2500 न्यायाधीशों के पद बढ़ाए। सरकार की योजना आगामी बजट सत्र में मात्र 2000 पद बढ़ाने की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर नहीं किया। इसके अलावा जिला अदालतों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए भी तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कचहरियों में सीसीटीवी कैमरे, डोर मेटल डिटेक्टर, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, अदालतों को बिजली का अगल फीडर देने तथा बायोमैट्रिक कार्ड जारी करने जैसी योजनाओं को अमल में लाने का कार्य तेजी से करने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव वित्त रमारमण इस मामले में सरकार का पक्ष रखने के लिए अदालत में मौजूद थे। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि मौजूदा वित्त वर्ष में 113 ग्राम अदालतों, 38 अतिरिक्त अदालतों और 212 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अधीनस्थ अदालतों में 5822 न्यायाधीशों की कमी है। सरकार ने 200 पद स्वीकृत किए हैं। इस पर दो सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अदालतों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके तैयार होते ही कैमरे आदि लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। 52 जिला अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा दी जा रही है जबकि नौ में पहले से ही है।
सूबे की 43 जिला अदालतों को अलग पावर फीडर देने की व्यवस्था की जा रही है 32 अदालतों में पहले से ही है। जिला अदालतों में 2690 सीसीटीवी कैमरे, 617 डोर मेटल डिटेक्टर और 400 बैग स्कैनर लगाए जाने हैं। जिला अदालतों के लिए 75 करोड़ और हाईकोर्ट की सुरक्षा के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
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बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव वित्त रमारमण इस मामले में सरकार का पक्ष रखने के लिए अदालत में मौजूद थे। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि मौजूदा वित्त वर्ष में 113 ग्राम अदालतों, 38 अतिरिक्त अदालतों और 212 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अधीनस्थ अदालतों में 5822 न्यायाधीशों की कमी है। सरकार ने 200 पद स्वीकृत किए हैं। इस पर दो सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अदालतों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके तैयार होते ही कैमरे आदि लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। 52 जिला अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा दी जा रही है जबकि नौ में पहले से ही है।
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सूबे की 43 जिला अदालतों को अलग पावर फीडर देने की व्यवस्था की जा रही है 32 अदालतों में पहले से ही है। जिला अदालतों में 2690 सीसीटीवी कैमरे, 617 डोर मेटल डिटेक्टर और 400 बैग स्कैनर लगाए जाने हैं। जिला अदालतों के लिए 75 करोड़ और हाईकोर्ट की सुरक्षा के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
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