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Prayagraj News: अपहरण व लूट के मामले में दो सिपाही गिरफ्तार, भेजे गए जेल
Mon, 31 Aug 2020 02:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 31 Aug 2020 02:23 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
कर्नलगंज स्थित कंप्यूटर सेंटर मेें लूटपाट व तीन कर्मचारियों के अपहरण के मामले में रविवार को बड़ी कार्रवाई हुई। जांच पड़ताल में पता चला कि मामले में दो सिपाही दयाशंकर यादव व अरविंद तिवारी भी शामिल थे, जिन्होंने एसटीएफ का सिपाही बनकर युवकों को अगवा करने के साथ ही लूटपाट की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसएसपी ने दोनों को निलंबित भी कर दिया है।
घटना 26 अगस्त को मम्फोर्डगंज स्थित बलरामपुर हाउस में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, बहरिया के रहने वाले शनि चौरसिया ने यहां रहने वाले पंकज मिश्रा के साथ पार्टनरशिप में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट खोला था। शनि ने बताया कि घटना वाले दिन इंस्टीट्यूट में दोपहर में पहुंचे कुछ लोगों ने वहां रखे कंप्यूटर व अन्य उपकरण लूट लिए।
साथ ही उसे व उसके दो दोस्तों प्रमोद कुमार व अजय चौरसिया को यह कहते हुए कार में खींचकर अगवा कर लिया कि वह एसटीएफ से हैं। कुछ दूर जाने के बाद प्रमोद के 900 रुपये व मोबाइल लूटकर गाड़ी से फेंक दिया। जबकि उसे फोन व 1500 रुपये छीनकर बहरिया में रहिमापुर के पास नीचे फेंक दिया।
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आगे ले जाकर उसके तीसरे साथी अजय चौरसिया को 12 हजार नगद व सोने की चेन लूटकर गाड़ी से नीचे धक्का दे दिया और फिर वहां से भाग निकले। शनि ने यह भी बताया कि गाड़ी से नीचे फेंकते वक्त उसने एक अपहर्ता को पहचान लिया, जो उसका ही पार्टनर व मकान मालिक पंकज था। पुलिस ने पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जो कहानी सामने आई, उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
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घटना 26 अगस्त को मम्फोर्डगंज स्थित बलरामपुर हाउस में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, बहरिया के रहने वाले शनि चौरसिया ने यहां रहने वाले पंकज मिश्रा के साथ पार्टनरशिप में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट खोला था। शनि ने बताया कि घटना वाले दिन इंस्टीट्यूट में दोपहर में पहुंचे कुछ लोगों ने वहां रखे कंप्यूटर व अन्य उपकरण लूट लिए।
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साथ ही उसे व उसके दो दोस्तों प्रमोद कुमार व अजय चौरसिया को यह कहते हुए कार में खींचकर अगवा कर लिया कि वह एसटीएफ से हैं। कुछ दूर जाने के बाद प्रमोद के 900 रुपये व मोबाइल लूटकर गाड़ी से फेंक दिया। जबकि उसे फोन व 1500 रुपये छीनकर बहरिया में रहिमापुर के पास नीचे फेंक दिया।
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आगे ले जाकर उसके तीसरे साथी अजय चौरसिया को 12 हजार नगद व सोने की चेन लूटकर गाड़ी से नीचे धक्का दे दिया और फिर वहां से भाग निकले। शनि ने यह भी बताया कि गाड़ी से नीचे फेंकते वक्त उसने एक अपहर्ता को पहचान लिया, जो उसका ही पार्टनर व मकान मालिक पंकज था। पुलिस ने पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जो कहानी सामने आई, उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।