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Prayagraj : चेक बाउंस मामले में दो को एक-एक साल की सजा और 7.5 लाख जुर्माना
Thu, 12 Mar 2026 03:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 12 Mar 2026 03:09 PM IST
सार
जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में दो को एक-एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 7.5 लाख रुपये जुर्माना लगाया। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय (एनआई एक्ट) के पीठासीन अधिकारी चंद्र शेखर ने अरविंद सिंह की ओर से दायर परिवाद पर दिया।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में दो को एक-एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 7.5 लाख रुपये जुर्माना लगाया। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय (एनआई एक्ट) के पीठासीन अधिकारी चंद्र शेखर ने अरविंद सिंह की ओर से दायर परिवाद पर दिया।
करछना तहसील के नैनी क्षेत्र निवासी अरविंद सिंह ने आरोप लगाया था कि मवैया के कपिलेश्वर सिंह और पुष्पराज सिंह यादव को जमीन 14 लाख रुपये में बेची थी। आरटीजीएस और आईएमपीएस के जरिये करीब चार लाख रुपये मिले थे। 10 लाख रुपये के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये के चार चेक दिए गए थे। चेक बैंक में लगाया तो रुपये पर्याप्त नहीं बताकर खारिज कर दिया गया। नोटिस भेजा तो आरोपियों ने निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि खरीदी गई जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिला है। इसलिए चेक का भुगतान नहीं किया गया। इस पर याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि पंजीकृत विक्रय विलेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि बैनामा के समय ही क्रेताओं को जमीन का कब्जा दे दिया गया था।
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करछना तहसील के नैनी क्षेत्र निवासी अरविंद सिंह ने आरोप लगाया था कि मवैया के कपिलेश्वर सिंह और पुष्पराज सिंह यादव को जमीन 14 लाख रुपये में बेची थी। आरटीजीएस और आईएमपीएस के जरिये करीब चार लाख रुपये मिले थे। 10 लाख रुपये के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये के चार चेक दिए गए थे। चेक बैंक में लगाया तो रुपये पर्याप्त नहीं बताकर खारिज कर दिया गया। नोटिस भेजा तो आरोपियों ने निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि खरीदी गई जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिला है। इसलिए चेक का भुगतान नहीं किया गया। इस पर याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि पंजीकृत विक्रय विलेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि बैनामा के समय ही क्रेताओं को जमीन का कब्जा दे दिया गया था।
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