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अवैध वसूली पर आरपीएफ के दो सिपाही बर्खास्त
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Two RPF troopers dismissed on illegal recovery
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कानपुर के लिए खास
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पेटीएम से ली रिश्वत, दो आरपीएफ जवान बर्खास्त
0 राजधानी एक्सप्रेस में बीएसएफ के जवान से की थी अवैध वसूली
0 जवान की शिकायत पर एनसीआर जोन के पीसीएससी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस में बीएसएफ के जवान से अवैध वसूली करने के आरोप में एनसीआर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। दोनों आरोपी आरपीएफ जवानों के खिलाफ हुई जांच में पता चला कि रिश्वत नकद और पेटीएम के जरिए ली गई है। इसके बाद एनसीआर के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त (पीसीएससी) एसएन पांडेय ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी के बाद अब इन्हें रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं अन्य धनराशि भी नहीं मिलेगी।
दरअसल, 12 जुलाई को नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस में एनसीआर इलाहाबाद मंडल के कानपुर अनवरगंज के हेड कांस्टेबल आशीष चौहान एवं रामनयन यादव की एस्कार्ट में ड्यूटी थी। ट्रेन नई दिल्ली से चली तो उसमें एक बीएसएफ जवान ने चेन पुलिंग कर दी। बीएसएफ जवान की गर्भवती पत्नी ट्रेन में नहीं चढ़ सकी थी। उसकी बी-6 कोच में 25 एवं 26 नंबर बर्थ थी। आरपीएफ जवानों ने पहले बीएसएफ जवान को कार्रवाई का भय दिखाया और उसकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया। कार्रवाई न करने की एवज में दोनों जवानों ने बीएसएफ जवान से दस हजार रुपये की मांग की। मौके पर बीएसएफ जवान ने आरपीएफ कांस्टेबल को सात हजार रुपये नकद दिए। इसके अलावा कैश न होने का बहाना कर तीन हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से दिए। इसके बाद बीएसएफ जवान ने यह सारा मामला अपने वरिष्ठ अफसरों तक पहुंचा दिया। रेलवे बोर्ड के डीजी आरपीएफ तक भी यह बात पहुंची। उन्होंने एनसीआर के पीसीएससी को जांच करने को कहा। जांच शुरू हुई तो आरोपी जवान के बैंक खाते का विवरण लिया गया। इसमें पेटीएम के द्वारा तीन हजार रुपये लेने की पुष्टि हुई। पुष्टि होने के बाद दोनों जवानों को रेलवे सुरक्षा बल नियम 1987 में दिए गए विशेष प्रावधानों के तहत उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी के बाद जवानों को रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं धनराशि नहीं मिलेगी। साथ ही सेवा संबंधी अन्य लाभों के भी हकदार नहीं होंगे।
बैंक खाते में पेटीएम से आई धनराशि से ही दोनों जवानों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि हुई। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। भ्रष्टाचार एवं यात्रियों से दुर्व्यवहार किए जाने की घटनाओं पर आरपीएफ में जीरो टॉलरेंस की नीति है। - अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर।
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पेटीएम से ली रिश्वत, दो आरपीएफ जवान बर्खास्त
0 राजधानी एक्सप्रेस में बीएसएफ के जवान से की थी अवैध वसूली
0 जवान की शिकायत पर एनसीआर जोन के पीसीएससी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस में बीएसएफ के जवान से अवैध वसूली करने के आरोप में एनसीआर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। दोनों आरोपी आरपीएफ जवानों के खिलाफ हुई जांच में पता चला कि रिश्वत नकद और पेटीएम के जरिए ली गई है। इसके बाद एनसीआर के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त (पीसीएससी) एसएन पांडेय ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी के बाद अब इन्हें रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं अन्य धनराशि भी नहीं मिलेगी।
दरअसल, 12 जुलाई को नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस में एनसीआर इलाहाबाद मंडल के कानपुर अनवरगंज के हेड कांस्टेबल आशीष चौहान एवं रामनयन यादव की एस्कार्ट में ड्यूटी थी। ट्रेन नई दिल्ली से चली तो उसमें एक बीएसएफ जवान ने चेन पुलिंग कर दी। बीएसएफ जवान की गर्भवती पत्नी ट्रेन में नहीं चढ़ सकी थी। उसकी बी-6 कोच में 25 एवं 26 नंबर बर्थ थी। आरपीएफ जवानों ने पहले बीएसएफ जवान को कार्रवाई का भय दिखाया और उसकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया। कार्रवाई न करने की एवज में दोनों जवानों ने बीएसएफ जवान से दस हजार रुपये की मांग की। मौके पर बीएसएफ जवान ने आरपीएफ कांस्टेबल को सात हजार रुपये नकद दिए। इसके अलावा कैश न होने का बहाना कर तीन हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से दिए। इसके बाद बीएसएफ जवान ने यह सारा मामला अपने वरिष्ठ अफसरों तक पहुंचा दिया। रेलवे बोर्ड के डीजी आरपीएफ तक भी यह बात पहुंची। उन्होंने एनसीआर के पीसीएससी को जांच करने को कहा। जांच शुरू हुई तो आरोपी जवान के बैंक खाते का विवरण लिया गया। इसमें पेटीएम के द्वारा तीन हजार रुपये लेने की पुष्टि हुई। पुष्टि होने के बाद दोनों जवानों को रेलवे सुरक्षा बल नियम 1987 में दिए गए विशेष प्रावधानों के तहत उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी के बाद जवानों को रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं धनराशि नहीं मिलेगी। साथ ही सेवा संबंधी अन्य लाभों के भी हकदार नहीं होंगे।
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बैंक खाते में पेटीएम से आई धनराशि से ही दोनों जवानों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि हुई। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। भ्रष्टाचार एवं यात्रियों से दुर्व्यवहार किए जाने की घटनाओं पर आरपीएफ में जीरो टॉलरेंस की नीति है। - अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर।
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