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Prayagraj : लाइट मेट्रो का डिपो बनाने के लिए दो नए स्थान चिह्नित, सेना से एनओसी मिलने का इंतजार

Sat, 30 Aug 2025 05:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 Aug 2025 05:40 PM IST
सार

सेना के क्षेत्र में तीन स्थानों पर लाइट मेट्रो का कॉरिडोर संरेखण और कोच डिपो बनाया जाना है। इसके लिए जो स्थान पहले तय किए गए थे, उसे लेकर रक्षा विभाग का कहना है कि वहां सेना द्वारा दूसरा प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है।

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Two new locations marked to build light metro depot, waiting for NOC from army
Metro - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सेना के क्षेत्र में तीन स्थानों पर लाइट मेट्रो का कॉरिडोर संरेखण और कोच डिपो बनाया जाना है। इसके लिए जो स्थान पहले तय किए गए थे, उसे लेकर रक्षा विभाग का कहना है कि वहां सेना द्वारा दूसरा प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है। ऐसे में हाल ही में पीडीए और रक्षा विभाग के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण में डिपो के लिए दो अन्य स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं।

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रक्षा विभाग की सहमति मिलने के बाद फाइनल डीपीआर तैयार करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उम्मीद है कि अक्तूबर से पहले फाइनल डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार की स्वीकृति ले ली जाएगी। इसके बाद इसे स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेज दिया जाएगा।
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संगम नगरी में यातायात की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए लाइट मेट्रो रेल परियोजना को अहम माना जा रहा है लेकिन नौ साल बाद भी यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। लाइट मेट्रो परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी लेकिन अब तक सेना से भूमि का अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने का इंतजार है। इसकी वजह से डीपीआर भी अंतिम रूप नहीं ले सकी है।
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पीडीए और कार्यदायी संस्था मेसर्स राइट्स द्वारा कई दौर की बैठकें और मौके का निरीक्षण किए जाने के बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है। सर्वे कर रक्षा विभाग के तीन स्थानों पर भूमि चिह्नित की गई थी और इसके उपयोग के लिए रक्षा विभाग से अनुमति मांगी गई थी। हालांकि बताया गया कि इन स्थानों पर सेना द्वारा दूसरा प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है।

पीडीए की सहायक अभियंता इप्सा सिंह ने बताया कि दो-तीन दिन पहले रक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ छिवकी में सोलर पावर के निकट और आई सेल की पाइप लाइन के नीचे दो स्थानों पर डिपो के लिए भूमि देखी गई है। राइट्स और मेट्रो रेल के अफसर मुआयना करने के बाद इसपर मुहर लगाएंगे।

दो चरणों में बनना है कॉरिडोर

योजना के तहत शहर में 44 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना है। पहले चरण में बमरौली एयरपोर्ट से त्रिवेणीपुरम झूंसी तक 23 किमी में 21 स्टेशन बनेंगे। वहीं दूसरे चरण में शांतिपुरम कालोनी से फाफामऊ होते हुए नैनी-छिवकी तक 21 किमी में 19 स्टेशन प्रस्तावित हैं। करीब 40 हेक्टेयर भूमि कॉरिडोर, स्टेशन और डिपो के लिए चिह्नित की जानी है।

मेट्रो रेल के विकास संबंधी कार्य की नोडल एजेंसी प्रयागराज विकास प्राधिकरण है। इस कार्य के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन समन्वयक की भूमिका निभा रहा है। विधान परिषद की याचिका समिति ने ब्योरा मांगा था। विस्तृत जानकारी समिति को दे दी गई है। - अजीत कुमार सिंह, सचिव पीडीए

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