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सालों से चली आ रही रंजिश में हुई थीं दो हत्याएं
Fri, 22 Feb 2019 02:07 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 22 Feb 2019 02:07 AM IST
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crime
- फोटो : prayagraj
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झूंसी में एक्सईएन के ड्राइवर व सिविल लाइंस में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का खुलासा हो गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों हत्याएं झूंसी के शेरडीह गांव में एक दशक से चली आ रही खूनी रंजिश में अंजाम दी गईं। अभी शूटर हाथ नहीं लगे हैं लेकिन, साजिश में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
झूंसी में पटेल नगर चौराहे पर पिछले साल 12 दिसंबर को एक्सईएन के ड्राइवर राजदेव यादव उर्फ बच्चा निवासी झूंसी कछार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले सिविल लाइंस में झूंसी निवासी प्रॉपर्टी डीलर विद्यासागर यादव को गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को देानेां मामलों के खुलासे का दावा किया। एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों से यह साफ हो गया कि शेरडीह गांव में कई सालों से चली आ रही खूनी रंजिश में ही दोनों हत्याएं अंजाम दी गईं।
दोनों हत्याओं की साजिश रजनी यादव ने जेल में बंद अपने पति राजकुमार यादव, देवर संतोष यादव व सास सरस्वती देवी की योजना के अनुसार रची। इसके लिए बस्ती निवासी शूटर धोनी तिवारी उर्फ सोनू उर्फ महाराज व मंगल पांडेय को सुपारी दी गई। पुलिस के मुताबिक, राजदेव की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह संतोष के विपक्षियों के पक्ष में पैरवी करता था। जबकि प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी करने व संतोष के विपक्षियों की जमीन खरीदने के चलते विद्यासागर की हत्या कराई गई। पुलिस ने साजिश में शामिल होने के आरोप में भी सात लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें सुनील यादव, दिनेश कुमार, मंगल पासी, मिथिलेश कुमार, मंजीत यादव, सुजीत कुमार व राकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस की मानें तो दोनों वारदात में सुजीत व राकेश ने रेकी की।
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सजायफ्ता है धोनी
पुलिस ने बताया कि शूटर धोनी सजायफ्ता है और वह एक साल से भी ज्यादा समय से फरार चल रहा है। बस्ती जेल में बंद रहने के दौरान ही उससे राजकुमार की मुलाकात हुई जिसने उसे हत्या के लिए तैयार किया। बता दें कि 2005 में हुए तत्कालीन प्रधान योगेंद्र यादव व इसके कुछ सालों बाद उसके भाई धर्मेंद्र यादव की हत्या के आरोप में राजकुमार जेल में बंद है। पुलिस का दावा है कि पिछले साल शेरडीह में ही वीरेंद्र उर्फ करिया की हत्या में भी धोनी शामिल था।
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झूंसी में पटेल नगर चौराहे पर पिछले साल 12 दिसंबर को एक्सईएन के ड्राइवर राजदेव यादव उर्फ बच्चा निवासी झूंसी कछार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले सिविल लाइंस में झूंसी निवासी प्रॉपर्टी डीलर विद्यासागर यादव को गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को देानेां मामलों के खुलासे का दावा किया। एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों से यह साफ हो गया कि शेरडीह गांव में कई सालों से चली आ रही खूनी रंजिश में ही दोनों हत्याएं अंजाम दी गईं।
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दोनों हत्याओं की साजिश रजनी यादव ने जेल में बंद अपने पति राजकुमार यादव, देवर संतोष यादव व सास सरस्वती देवी की योजना के अनुसार रची। इसके लिए बस्ती निवासी शूटर धोनी तिवारी उर्फ सोनू उर्फ महाराज व मंगल पांडेय को सुपारी दी गई। पुलिस के मुताबिक, राजदेव की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह संतोष के विपक्षियों के पक्ष में पैरवी करता था। जबकि प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी करने व संतोष के विपक्षियों की जमीन खरीदने के चलते विद्यासागर की हत्या कराई गई। पुलिस ने साजिश में शामिल होने के आरोप में भी सात लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें सुनील यादव, दिनेश कुमार, मंगल पासी, मिथिलेश कुमार, मंजीत यादव, सुजीत कुमार व राकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस की मानें तो दोनों वारदात में सुजीत व राकेश ने रेकी की।
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सजायफ्ता है धोनी
पुलिस ने बताया कि शूटर धोनी सजायफ्ता है और वह एक साल से भी ज्यादा समय से फरार चल रहा है। बस्ती जेल में बंद रहने के दौरान ही उससे राजकुमार की मुलाकात हुई जिसने उसे हत्या के लिए तैयार किया। बता दें कि 2005 में हुए तत्कालीन प्रधान योगेंद्र यादव व इसके कुछ सालों बाद उसके भाई धर्मेंद्र यादव की हत्या के आरोप में राजकुमार जेल में बंद है। पुलिस का दावा है कि पिछले साल शेरडीह में ही वीरेंद्र उर्फ करिया की हत्या में भी धोनी शामिल था।