{"_id":"5cb4e3a2bdec222dc9131ace","slug":"twenty-one-pcb-hostels-with-instant-firing-firing","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला पीसीबी हॉस्टल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला पीसीबी हॉस्टल
Tue, 16 Apr 2019 01:33 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
allahabad university
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद विश्वविद्यालय व उसके आसपास का इलाका रविवार देर रात ताबड़तोड़ फायरिंग से दहल उठा। दो गुटों में भिड़ंत के बाद पीसीबी हॉस्टल में गोलियों की तड़तड़ाहट से सनसनी फैल गई। दहशत में आए हॉस्टलर कमरों में दुबक गए। उधर, घटना की जानकारी के बाद मौके पर भारी फोर्स की चहलकदमी से हॉस्टलर खौफजदा रहे।
जिस वक्त वारदात हुई, हॉस्टल के अधिकांश छात्र सो रहे थे। अचानक ऊपरी तल पर गोली चलने की आवाजें आने लगीं। गोलियों की तड़तड़ाहट बंद होने के कुछ देर बाद ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचने लगी तो छात्र अनहोनी की आशंका से खौफजदा हो गए। उधर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वहां रोहित शुक्ला खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों गुटों में भिड़ंत ऊपरी तल पर स्थित कमरा नंबर 64 के बगल बने बाथरूम के पास हुई। मौके की हालत से साफ था कि वहां दर्जनों राउंड फायरिंग हुई। मौके से एक कारतूस के साथ ही 10 खोखे बरामद किए गए। रोहित को तीन गोलियां लगी थीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, बाथरूम के दरवाजे पर भी फायरिंग के निशान थे। इसके चलते इसमें कई जगह छेद हो गए थे। मौके की हालत देखकर इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि वारदात में दूसरे पक्ष से भी कुछ लोग घायल हुए होें। हालांकि, देर रात तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चल सका था। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने कुछ निजी अस्पतालों में भी पहुंचकर छानबीन की।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को मृतक के शव के पास ही एक तमंचा पड़ा मिला था। यह तमंचा किसका था, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। हालांकि कर्नलगंज पुलिस तमंचा मिलने की बात से इंकार करती रही। इंस्पेक्टर ने बताया कि मौके से कारतूस के खोखे ही बरामद हुए हैं। तमंचा मिलने की जानकारी उन्हें नहीं है।
फोन कर बुलाए जाने का आरोप
उधर परिजनों का आरोप है कि रोहित को फोन कर हॉस्टल मेें बुलाया गया था। पिता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि रात दो बजे के करीब मुख्य आरोपी आदर्श ने रोहित को फोन कर हॉस्टल में बुलाया था। इससे रोहित के साथ वह व उनके कुछ परिचित हॉस्टल पहुंचे थे। जहां आदर्श, हिमांशु सिंह व हरिओम त्रिपाठी पिस्टल लिए हुए थे। उनके कहने पर नवनीत उर्फ अभिषेक यादव, प्रशांत उपाध्याय व सौरभ विश्वकर्मा ने रोहित को पकड़ लिया और उपरोक्त तीनों आरोपियों ने उस पर गोलियां दाग दीं।
विज्ञापन
जिस वक्त वारदात हुई, हॉस्टल के अधिकांश छात्र सो रहे थे। अचानक ऊपरी तल पर गोली चलने की आवाजें आने लगीं। गोलियों की तड़तड़ाहट बंद होने के कुछ देर बाद ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचने लगी तो छात्र अनहोनी की आशंका से खौफजदा हो गए। उधर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वहां रोहित शुक्ला खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों गुटों में भिड़ंत ऊपरी तल पर स्थित कमरा नंबर 64 के बगल बने बाथरूम के पास हुई। मौके की हालत से साफ था कि वहां दर्जनों राउंड फायरिंग हुई। मौके से एक कारतूस के साथ ही 10 खोखे बरामद किए गए। रोहित को तीन गोलियां लगी थीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, बाथरूम के दरवाजे पर भी फायरिंग के निशान थे। इसके चलते इसमें कई जगह छेद हो गए थे। मौके की हालत देखकर इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि वारदात में दूसरे पक्ष से भी कुछ लोग घायल हुए होें। हालांकि, देर रात तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चल सका था। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने कुछ निजी अस्पतालों में भी पहुंचकर छानबीन की।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को मृतक के शव के पास ही एक तमंचा पड़ा मिला था। यह तमंचा किसका था, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। हालांकि कर्नलगंज पुलिस तमंचा मिलने की बात से इंकार करती रही। इंस्पेक्टर ने बताया कि मौके से कारतूस के खोखे ही बरामद हुए हैं। तमंचा मिलने की जानकारी उन्हें नहीं है।
फोन कर बुलाए जाने का आरोप
उधर परिजनों का आरोप है कि रोहित को फोन कर हॉस्टल मेें बुलाया गया था। पिता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि रात दो बजे के करीब मुख्य आरोपी आदर्श ने रोहित को फोन कर हॉस्टल में बुलाया था। इससे रोहित के साथ वह व उनके कुछ परिचित हॉस्टल पहुंचे थे। जहां आदर्श, हिमांशु सिंह व हरिओम त्रिपाठी पिस्टल लिए हुए थे। उनके कहने पर नवनीत उर्फ अभिषेक यादव, प्रशांत उपाध्याय व सौरभ विश्वकर्मा ने रोहित को पकड़ लिया और उपरोक्त तीनों आरोपियों ने उस पर गोलियां दाग दीं।