आपरेशन त्रिनेत्र : चुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग
जनपद में चुनाव छठें चरण में हैं। इसमें अभी दो महीने का वक्त है। इसे देखते हुए पुलिस तैयारियों को और पुख्ता करने में जुटी हुई है। चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से हो और कहीं भी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
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लोकसभा चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार जनपदीय पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेगी। एआई तकनीक पर आधारित सर्विलांस कैमरों के साथ-साथ ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए कैमरों से 24 घंटे कोने-कोने की निगरानी की जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि कहीं भी किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर फौरन एक्शन लिया जा सकेगा।
जनपद में चुनाव छठें चरण में हैं। इसमें अभी दो महीने का वक्त है। इसे देखते हुए पुलिस तैयारियों को और पुख्ता करने में जुटी हुई है। चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से हो और कहीं भी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। इस सिलसिले में एआई तकनीक का सहारा भी लिया जाएगा। इसके तहत चुनाव के दौरान शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगे सर्विलांस कैमरों की फीड के जरिए सीधे शहर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 24 घंटे करने की योजना बनाई गई है।
देहात के क्षेत्रों की सतत निगरानी के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगवाए गए कैमरों का सहारा लिया जाएगा। इन कैमरों की फीड को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईट्रिपलसी) में सीधे देखा जा सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि होने पर इसकी सूचना तत्काल संबंधित पुलिस थाने और अफसरों को दी जा सकेगी। इससे कार्रवाई की गति और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जो भी आवश्यक कदम होंगे, वह उठाए जाएंगे।
61 हजार कैमरों का फैला है जाल
जनपद में मौजूदा समय में 70 हजार कैमरों का जाल फैला हुआ है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 1200 कैमरे शहर व आसपास के क्षेत्र में लगाए गए हैं। इसके अलावा ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत भी 60 हजार कैमरे लगवाए गए हैं। इन सभी कैमरों के आईपी एड्रेस पुलिस के पास हैं। किसी भी घटना के खुलासे के लिए इन कैमरों की मदद ली जा सकती है।