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अदालत को गुमराह करने पर मुकदमा

Thu, 12 Dec 2019 02:03 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:03 AM IST
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Trial for misleading the court, five lakh damages were also imposed
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को गुमराह करने के आरोप में गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र के डूंडाहेड़ा गांव निवासी महेश चंद शर्मा के खिलाफ आपराधिक मुकदमा कायम करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याची पर पांच लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है। हर्जाना राशि एक माह के भीतर महा निबंधक के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है। जो हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति को भेजा जाएगा ।
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महेश चंद्र की याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। याची के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के बिसरख थाने में 14 अगस्त 2019 को दर्ज प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जिसे रद्द करने की मांग याचिका में की गई थी।
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प्राथमिकी के तहत याची पर धोखाधड़ी करने, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। याची सूरज एसोसिएट कंपनी का भागीदार है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अधिवक्ता अंजली उपाध्याय ने कोर्ट को बताया याची ने कोर्ट को गुमराह किया है। वास्तव में जमीन का अधिग्रहण 29 जून 2013 को हुआ और 9 सितंबर 2014 को कब्जा भी ले लिया गया। इस अधिग्रहण को साहित्य प्रचार ट्रस्ट ने चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर 2014 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस तथ्य को कोर्ट से जानबूझकर छिपाया है।
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जबकि याची का कहना था कि ने शाहबेरी गांव में 20 जुलाई 2013 को रिहायशी कॉलोनी के लिए जमीन ली। फर्म का नाम भी राजस्व दस्तावेज में दर्ज हो गया। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने शाहबेरी गांव की जमीन का 2009 में अधिग्रहण किया था। जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया और इस आदेश के खिलाफ एसएलपी भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी । इसके बाद याची ने नक्शा पास करने के लिए प्राधिकरण के समक्ष आवेदन दिए किंतु प्राधिकरण ने यह कहते हुए नक्शा नहीं पास किया कि वह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बाद में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में एफ आईआर दर्ज कराई गई है ।
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