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महज तीन घंटे में होगा इलाहाबाद-लखनऊ का सफर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:01 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : SELF
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इलाहाबाद से लखनऊ के बीच साल भर के भीतर इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) ऊंचाहार से रायबरेली केे बीच यह काम शीघ्र शुरू करेगा। बोर्ड ने इसका बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इस रूट के विद्युतीकरण होने के बाद इलाहाबाद से लखनऊ के बीच शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन का रास्ता खुल जाएगा, साथ ही संबंधित रूट पर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें महज तीन घंटे में ही इलाहाबाद से लखनऊ का सफर तय कर लेंगी।
इलाहाबाद-लखनऊ रूट पर अभी सिर्फ इलाहाबाद से ऊंचाहार जंक्शन तक रेलमार्ग का विद्युतीकरण है। रेलवे बोर्ड ने ऊंचाहार-रायबरेेली रेल मार्ग के विद्युतीकरण कार्य को स्वीकृत कर लिया है, जबकि रायबरेली-लखनऊ रेलखंड में यह काम प्रगति पर है। अब कोर को ऊंचाहार-रायबरेेली मार्ग के विद्युतीकरण का काम पूरा करना है। इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य रेल मार्गों के विद्युतीकरण किए जाने की सूची भी कोर को सौंपी है। इन रेलमार्ग के विद्युतीकरण की लागत 1110 करोड़ रुपये है, जिसकी कुल लंबाई 1308 किमी है। इसमें इलाहाबाद शहर में प्रयाग जंक्शन से प्रयाग घाट का काम भी शामिल किया गया है। 2.46 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग के विद्युतीकरण काम कोर कुंभ मेले के बाद ही शुरू करेगा। इसकी कुल लागत 68 लाख रुपये बताई जा रही है। फाफामऊ से प्रतापगढ़ के बीच 46 किमी लंबे रेलमार्ग के रेल विद्युतीकरण के काम का बजट भी बोर्ड ने स्वीकृत कर दिया है। उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो कोर को बरहन-एटा तक के 59 किमी लंबे रेलमार्ग का भी विद्युतीकरण करना है।
यूपी के इन मार्गों का जल्द शुरू होगा विद्युतीकरण का काम
प्रयाग जंक्शन-प्रयाग घाट, रायबरेली-ऊंचाहार, फाफामऊ-प्रतापगढ़, अकबरपुर-फैजाबाद-बाराबंकी, उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी (दूसरी लाइन), गोरखपुर-आनंद नगर-गोंडा और आनंदनगर-नौतनवा, गोंडा-बहराइच, मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर, रामनगर-लालकुंआ-काठगोदाम,बरेली-लालकुंआ, शाहजहांपुर-पीलीभीत-टनकपुर, सलेमपुर-बरहाज बाजार, मांधना जंक्शन-ब्रहमावर्ड, राजा का साहसपुर-संभल हतीम सराय, फैजाबाद-सुल्तानपुर-चिलबिला, जंघई-जफराबाद, बरहन-एटा।
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‘रेलवे बोर्ड ने कोर को यूपी के कुछ रेलमार्गों के विद्युतीकरण किए जाने का नया काम सौंपा है। इसके लिए बजट भी निर्धारित कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 785 रूट किलोमीटर रेल ट्रैक के विद्युतीकरण काम कर लिया गया है।’
00 रतनलाल, महाप्रबंधक कोर, इलाहाबाद।
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इलाहाबाद-लखनऊ रूट पर अभी सिर्फ इलाहाबाद से ऊंचाहार जंक्शन तक रेलमार्ग का विद्युतीकरण है। रेलवे बोर्ड ने ऊंचाहार-रायबरेेली रेल मार्ग के विद्युतीकरण कार्य को स्वीकृत कर लिया है, जबकि रायबरेली-लखनऊ रेलखंड में यह काम प्रगति पर है। अब कोर को ऊंचाहार-रायबरेेली मार्ग के विद्युतीकरण का काम पूरा करना है। इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य रेल मार्गों के विद्युतीकरण किए जाने की सूची भी कोर को सौंपी है। इन रेलमार्ग के विद्युतीकरण की लागत 1110 करोड़ रुपये है, जिसकी कुल लंबाई 1308 किमी है। इसमें इलाहाबाद शहर में प्रयाग जंक्शन से प्रयाग घाट का काम भी शामिल किया गया है। 2.46 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग के विद्युतीकरण काम कोर कुंभ मेले के बाद ही शुरू करेगा। इसकी कुल लागत 68 लाख रुपये बताई जा रही है। फाफामऊ से प्रतापगढ़ के बीच 46 किमी लंबे रेलमार्ग के रेल विद्युतीकरण के काम का बजट भी बोर्ड ने स्वीकृत कर दिया है। उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो कोर को बरहन-एटा तक के 59 किमी लंबे रेलमार्ग का भी विद्युतीकरण करना है।
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यूपी के इन मार्गों का जल्द शुरू होगा विद्युतीकरण का काम
प्रयाग जंक्शन-प्रयाग घाट, रायबरेली-ऊंचाहार, फाफामऊ-प्रतापगढ़, अकबरपुर-फैजाबाद-बाराबंकी, उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी (दूसरी लाइन), गोरखपुर-आनंद नगर-गोंडा और आनंदनगर-नौतनवा, गोंडा-बहराइच, मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर, रामनगर-लालकुंआ-काठगोदाम,बरेली-लालकुंआ, शाहजहांपुर-पीलीभीत-टनकपुर, सलेमपुर-बरहाज बाजार, मांधना जंक्शन-ब्रहमावर्ड, राजा का साहसपुर-संभल हतीम सराय, फैजाबाद-सुल्तानपुर-चिलबिला, जंघई-जफराबाद, बरहन-एटा।
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‘रेलवे बोर्ड ने कोर को यूपी के कुछ रेलमार्गों के विद्युतीकरण किए जाने का नया काम सौंपा है। इसके लिए बजट भी निर्धारित कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 785 रूट किलोमीटर रेल ट्रैक के विद्युतीकरण काम कर लिया गया है।’
00 रतनलाल, महाप्रबंधक कोर, इलाहाबाद।