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आपत्तियों का निस्तारण फंसा, लटकेगा परीक्षा परिणाम
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Mar 2015 11:59 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जनवरी-फरवरी में हुई टीजीटी-पीजीटी परीक्षा से जुड़ी आपत्तियां मांगने के बाद चयन बोर्ड का काम ठप पड़ गया है। चयन बोर्ड की ओर से अभी तक परीक्षार्थियों की आपत्तियों का निस्तारण शुरू नहीं हो सका है। परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करने का दावा करने वाले चयन बोर्ड के अध्यक्ष भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चार वर्ष के अंतराल के बाद टीजीटी-पीजीटी की परीक्षाएं शुरू हुई थी। चयन बोर्ड की ओर से 25 जनवरी से शुरू होकर शिक्षक भर्ती परीक्षाएं हर रविवार को पूरे माह भर चली। चयन बोर्ड की ओर से हर परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र की ‘आंसर की’ जारी करने के बाद अभ्यर्थियों से आपत्ति भी मांगी गई। अभ्यर्थियों से आपत्ति लेने के बाद चयन बोर्ड ने आपत्तियों की निस्तारण करने से पहले ही ओएमआर को मूल्यांकन के लिए भेज दिया गया।
अब यदि आपत्तियों के निस्तारण के बाद किसी अभ्यर्थी का दावा सही निकलता है और चयन बोर्ड के सवाल और उत्तर गलत साबित होते हैं तो क्या परिणाम बदला जाएगा। सवाल उठता है कि जब आपत्तियों के निस्तारण से पहले ही मूल्यांकन करवा लिया जाएगा तो गलती कैसे पकड़ में आएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी है, अभी सदस्यों की ओर से आपत्तियों के बंडल खोलकर नहीं देखे गए हैं। उधर चयन बोर्ड की टीजीटी कला परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कोर्स से बाहर से सवाल पूछे जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चार वर्ष के अंतराल के बाद टीजीटी-पीजीटी की परीक्षाएं शुरू हुई थी। चयन बोर्ड की ओर से 25 जनवरी से शुरू होकर शिक्षक भर्ती परीक्षाएं हर रविवार को पूरे माह भर चली। चयन बोर्ड की ओर से हर परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र की ‘आंसर की’ जारी करने के बाद अभ्यर्थियों से आपत्ति भी मांगी गई। अभ्यर्थियों से आपत्ति लेने के बाद चयन बोर्ड ने आपत्तियों की निस्तारण करने से पहले ही ओएमआर को मूल्यांकन के लिए भेज दिया गया।
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अब यदि आपत्तियों के निस्तारण के बाद किसी अभ्यर्थी का दावा सही निकलता है और चयन बोर्ड के सवाल और उत्तर गलत साबित होते हैं तो क्या परिणाम बदला जाएगा। सवाल उठता है कि जब आपत्तियों के निस्तारण से पहले ही मूल्यांकन करवा लिया जाएगा तो गलती कैसे पकड़ में आएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी है, अभी सदस्यों की ओर से आपत्तियों के बंडल खोलकर नहीं देखे गए हैं। उधर चयन बोर्ड की टीजीटी कला परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कोर्स से बाहर से सवाल पूछे जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।
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