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विभागीय अपील लंबित रहने के आधार पर नहीं रोक सकते स्थानांतरण
Sat, 21 Nov 2020 09:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 21 Nov 2020 09:06 PM IST
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court
- फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी विभागीय कार्यवाही के विरुद्ध दाखिल विभागीय अपील के लंबित रहते यह कहा जा सकता है कि विभागीय कार्यवाही लंबित है। और इस आधार पर कर्मचारी का स्थानांतरण रोकना रोकना गलत है। कोर्ट ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त शिक्षिका का अंतरजनपदीय स्थानांतरण का आवेदन इस आधार पर रद्द करने का बीएसए प्रयागराज का आदेश खारिज कर दिया है। कोर्ट ने शिक्षिका के आवेदन को पुनर्स्थापित करते हुए बीएसए को चार सप्ताह में उस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
शिक्षिका गौरी सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने यह आदेश दिया। याची का पक्ष रख रहे अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा का कहना था कि याची ने दो दिसंबर 2019 की स्थानांतरण नीति के तहत अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। याची का आवेदन बीएसए प्रयागराज ने यह करते हुए रद्द कर दिया कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित है।
अधिवक्ता का कहना था कि वास्तविकता यह है कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी जो 22 नवंबर 2018 को पूरी हो गई। बीएसए ने उसका एक इंक्रीमेंट रोक दिया है। इस आदेश के खिलाफ याची ने विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील दाखिल की है जो अभी लंबित है। अपील लंबित रहने को विभागीय कार्यवाही मानते हुए बीएसए ने आवेदन निरस्त कर दिया है।
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कोर्ट ने इसे अनुचित मानते हुए कहा कि अपील को विभागीय कार्यवाही नहीं माना जा सकता है। और इस आधार पर स्थानांतरण का आवेदन निरस्त करना अनुचित है। कोर्ट ने बीएसए का आदेश रद्द करते हुए याची के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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शिक्षिका गौरी सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने यह आदेश दिया। याची का पक्ष रख रहे अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा का कहना था कि याची ने दो दिसंबर 2019 की स्थानांतरण नीति के तहत अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। याची का आवेदन बीएसए प्रयागराज ने यह करते हुए रद्द कर दिया कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित है।
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अधिवक्ता का कहना था कि वास्तविकता यह है कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी जो 22 नवंबर 2018 को पूरी हो गई। बीएसए ने उसका एक इंक्रीमेंट रोक दिया है। इस आदेश के खिलाफ याची ने विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील दाखिल की है जो अभी लंबित है। अपील लंबित रहने को विभागीय कार्यवाही मानते हुए बीएसए ने आवेदन निरस्त कर दिया है।
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कोर्ट ने इसे अनुचित मानते हुए कहा कि अपील को विभागीय कार्यवाही नहीं माना जा सकता है। और इस आधार पर स्थानांतरण का आवेदन निरस्त करना अनुचित है। कोर्ट ने बीएसए का आदेश रद्द करते हुए याची के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।