Prayagraj : माफिया अतीक के दफ्तर में मिले खून के निशान, बरामद हुआ चाकू, मौके पर पहुंची पुलिस
अतीक अहमद के चकिया स्थित ऑफिस में पुलिस की टीम पहुंची है। पुलिस टीम को यहां की दीवारों पर खून के धब्बे मिले हैं। साथ ही खून से सनीं चूड़ियां भी मिली हैं। कमरे में रखे दुपट्टे पर भी खून के छींटे पड़े मिले हैं।अतीक के ऑफिस में तलाशी चल रही है।
विस्तार
माफिया अतीक अहमद के चकिया स्थित कार्यालय में सोमवार को खून से सना चाकू और खून बिखरा मिलने से सनसनी फैल गई। खंडहर हो चुके कार्यालय की दूसरी मंजिल स्थित छत तक नौ जगहों पर खून के छींटे मिले हैं। एक कुर्ती और टूटी हुई चूड़ियों के टुकड़े भी मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने नमूने जांच के लिए भेजे हैं। कर्बला पुलिस चौकी से सिर्फ 100 मीटर दूर यह खून-खराबा चौकसी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अतीक का कार्यालय अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। सोमवार सुबह कुछ मीडियाकर्मी वहां कवरेज के लिए पहुंचे। पिछले गेट से इंट्री करने पर खून से सना चाकू और खून के धब्बे दिखाई दिए। सूचना पर खुल्दाबाद थाने की पहुंची पुलिस भी स्तब्ध रह गई। भूतल से आगे बढ़ने पर सीढ़ियों और फिर पहली मंजिल स्थित कमरे में भी खून की बूंदें पड़ी मिलीं। छत पर भी खून के धब्बे दिखाई दिए। मौके पर मिला चाकू सब्जी काटने वाला है। इसके धार पर तो खून था, हत्थे पर नहीं। यह खबर तेजी से फैली और फिर कार्यालय के बाहर जमावड़ा लग गया।
रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। वैसे, खून के धब्बे एक से दो दिन पुराने लगते हैं। माना जा रहा है कि जो भी हुआ, रविवार या शनिवार रात हुआ होगी। व्यस्ततम इलाका होने के कारण यहां दिन में घटना संभव नहीं लगती। दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त होने के चलते सड़क से ही भीतर तक का नजारा दिख जाता है।
हत्या से लेकर खुदकुशी के प्रयास तक की आशंकाएं
चाकू व धब्बे मिलने पर पहली आशंका है कि यहां चाकू से किसी की जान लेने की कोशिश की गई हो। पीड़ित भागा हो और खून की बूंदें भूतल से लेकर छत तक गिरी हों। दूसरी आशंका खुदकुशी के प्रयास की है। हो सकता है कि किसी ने यहां आकर चाकू से खुद पर वार कर जान देने की कोशिश की हो। इसी दौरान कोई वहां पहुंच गया हो, जिसे देखकर वह भाग गया हो। तीसरी आशंका नशेड़ियों या चोरों के बीच विवाद को लेकर भी है।
नशेड़ियों-चोरों का काम तो नहीं
पुलिस अधिकारी इसकी भी आशंका जता रहे हैं कि यहां नशेड़ियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ हो और उन्होंने आपस में हमला किया हो। दरअसल, खंडहर भवन नशेड़ियों के लिए मुफीद है। रात में तो उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं। एक आशंका चोरों पर भी जा रही है क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में सरिया व लोहे का अन्य सामान पड़ा है। हो सकता है कि चोर भीतर घुसे हों। इसी दौरान उनके बीच विवाद हुआ हो और उन्होंने चाकू चलाया हो। फिर, भाग निकले हों।