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Prayagraj News: महाकुंभ के कार्यों में पर्यटन विभाग फिसड्डी
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महाकुंभ-2025 की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पर्यटन विभाग अब तक फिसड्डी साबित हुआ है। इस विभाग की ज्यादातर परियोजनाएं कागजों से बाहर नहीं आ सकी हैं। शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की शिथिलता सामने आने पर कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने नाराजगी जताई। उन्होंने उप निदेशक पर्यटन वीरेश कुमार को हटाने के लिए पत्र लिखने का निर्देश दिया है।
दोपहर बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण के आईट्रिपलसी सभागार में महाकुंभ की प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पर्यटकों को बढ़ाने एवं उनकी मानसिकता को और बेहतर तरीके से समझने के लिए एमएनएनआईटी से टूरिस्ट प्रोफाइलिंग एवं सेंटीमेंट एनालसिस स्टडी कराने के भी निर्देश दिए गए।
डिजिटल म्यूजियम के प्रारूप पर चर्चा की गई। इसके तहत पार्किंग स्थल, अतिथि गृह, फूड प्लाजा, कल्चरल हाट बनाने का प्रस्ताव रखा गया। ताकि, देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले लोग इस कल्चरल हाट में अपना स्टाल लगा सकें। इसके साथ ही डिजिटल गैलरी भी विकसित करने का सुझाव दिया गया। इसी क्रम में म्योहाल, पब्लिक लाइब्रेरी, चंद्रशेखर आजाद पार्क, हाईकोर्ट, पत्थर गिरजा घर तथा शास्त्री ब्रिज पर फसाड लाइटिंग लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
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उप निदेशक पर्यटन वीरेश कुमार की ओर से कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के लिए शासन को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। डिजिटल कुंभ, कल्चरल हाट, भरद्वाजमुनि विस्तारीकरण, नागवासुकि मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस हनुमान मंदिर, तक्षकतीर्थ, द्वादश माधव, दशाश्वमेध मंदिर के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण की पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की प्रगति न के बराबर होने पर कुंभ मेलाधिकारी ने उप निदेशक पर्यटन को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा।
पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं में मेला क्षेत्र में रिक्रिएशन एक्टिविटीज के तहत वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था की जानी है। इसके अलावा फूड वॉक के लिए फूड जोन विकसित करने के अलावा प्रमुख मंदिरों तक जाने के लिए एक सर्किट बनाने के प्रस्ताव पर अभी तक खास पहल नहीं हो सकी है।
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दोपहर बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण के आईट्रिपलसी सभागार में महाकुंभ की प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पर्यटकों को बढ़ाने एवं उनकी मानसिकता को और बेहतर तरीके से समझने के लिए एमएनएनआईटी से टूरिस्ट प्रोफाइलिंग एवं सेंटीमेंट एनालसिस स्टडी कराने के भी निर्देश दिए गए।
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डिजिटल म्यूजियम के प्रारूप पर चर्चा की गई। इसके तहत पार्किंग स्थल, अतिथि गृह, फूड प्लाजा, कल्चरल हाट बनाने का प्रस्ताव रखा गया। ताकि, देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले लोग इस कल्चरल हाट में अपना स्टाल लगा सकें। इसके साथ ही डिजिटल गैलरी भी विकसित करने का सुझाव दिया गया। इसी क्रम में म्योहाल, पब्लिक लाइब्रेरी, चंद्रशेखर आजाद पार्क, हाईकोर्ट, पत्थर गिरजा घर तथा शास्त्री ब्रिज पर फसाड लाइटिंग लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
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उप निदेशक पर्यटन वीरेश कुमार की ओर से कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के लिए शासन को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। डिजिटल कुंभ, कल्चरल हाट, भरद्वाजमुनि विस्तारीकरण, नागवासुकि मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस हनुमान मंदिर, तक्षकतीर्थ, द्वादश माधव, दशाश्वमेध मंदिर के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण की पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की प्रगति न के बराबर होने पर कुंभ मेलाधिकारी ने उप निदेशक पर्यटन को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा।
पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं में मेला क्षेत्र में रिक्रिएशन एक्टिविटीज के तहत वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था की जानी है। इसके अलावा फूड वॉक के लिए फूड जोन विकसित करने के अलावा प्रमुख मंदिरों तक जाने के लिए एक सर्किट बनाने के प्रस्ताव पर अभी तक खास पहल नहीं हो सकी है।