Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Today, on Naraka Chaturdashi, the Abhyang Snan (ritual bath) and Yam Deepdan

छोटी दिवाली : आज नरक चतुर्दशी पर होगा अभ्यंग स्नान और यम दीपदान

Sat, 07 Nov 2026 01:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 07 Nov 2026 01:29 PM IST
सार

रोशनी और आस्था के महापर्व दिवाली की शुरुआत के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज में उत्साह का माहौल है। शनिवार, सात नवंबर को नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली/रूप चौदस) श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी।

विज्ञापन
Today, on Naraka Chaturdashi, the Abhyang Snan (ritual bath) and Yam Deepdan
नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

रोशनी और आस्था के महापर्व दिवाली की शुरुआत के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज में उत्साह का माहौल है। शनिवार, सात नवंबर को नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली/रूप चौदस) श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इस दिन प्रातःकाल अभ्यंग स्नान और सायंकाल यमराज की कृपा प्राप्ति के लिए दीपदान का विशेष विधान है।

विज्ञापन


आचार्य गोपाल जी मालवीय के अनुसार, नरक चतुर्दशी पर सुबह 5:25 से 6:40 बजे तक अभ्यंग स्नान का अत्यंत शुभ मुहूर्त होगा। इस दिन यम दीपदान और संध्या पूजन का समय शाम 5:36 बजे से 6:50 बजे तक निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन


मान्यता है कि इस समय घर की दक्षिण दिशा में यमराज के निमित्त चौमुखी दीपक प्रज्वलित कर परिवार की सुख-समृद्धि और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। साथ ही घर के मुख्य द्वार और आसपास दीपमालाएं सजाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं दिवाली के लिए माता महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव के पूजन का विशेष महत्व है। घरों में श्रीयंत्र की स्थापना, अष्टदल कमल का निर्माण, 12 रंगों की सात्विक रंगोली और दीप जला कर मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाएगा।

आचार्य डॉ. अमिताभ गौर के अनुसार दिवाली पर माता लक्ष्मी को रिझाने के लिए स्थिर लग्न का विशेष महत्व होता है। इस दिन वृश्चिक लग्न सुबह 07:12 से 09:29 तक, कुंभ लग्न दोपहर 01:12 से 02:53 तक, सिंह लग्न दोपहर 12:26 से दोपहर 02:40 तक और वृषभ लग्न शाम 05:58 से रात 07:54 बजे तक रहेगा। विशेष तौर पर वृषभ लग्न के दौरान शाम 05:58 बजे से 07:54 बजे ही लक्ष्मी-गणेश पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

Trending Videos

दिशाओं के हिसाब से दीपकों की स्थापना से दूर होते हैं वास्तु दोष

डॉ. अमिताभ के मुताबिक दिवाली की रात घरों की विभिन्न दिशाओं में दीपकों की स्थापना से वास्तु दोष दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विधान के अनुसार ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल पर घी का मुख्य दीपक या अखंड दीप जला कर किया जाएगा।

अग्नि कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में माता अन्नपूर्णा और अग्नि देव के निमित्त सरसों के तेल का दीपक जलेगा। उत्तर दिशा यानी कुबेर स्थान पर धन-संपदा की कामना से घी का दीपक रखा जाएगा जबकि घर के मुख्य द्वार के दोनों कोनों पर सरसों या तिल के तेल के दो बड़े दीपक जलाकर पूरी रात रोशन की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed