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कुलपति पर लगे सभी आरोपों को किया खारिज

Thu, 06 Oct 2016 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 06 Oct 2016 02:14 AM IST
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To dismiss all charges against the Vice-Chancellor
इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : Getty
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू पर लगाए सभी तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। पीआरओ प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने बुधवार को प्रेसवार्ता में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से किसी तरह की जांच कराए जाने तथा कुलपति को छुट्टी पर भेजे जाने की खबर को भी निराधार और भ्रामक बताया।
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प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि कुलपति पर वित्तीय मामले में प्रमुख आरोप है कि उन्होंने मकान के साज-सज्जा में 70 लाख रुपये खर्च किए हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि सिर्फ 7.31 लाख रुपये खर्च हुए हैं। जिर्णोद्धार के काम की संस्तुति भी पूर्व कुलपति प्रोफेसर एके सिंह ने की थी। उन्होंने सिर्फ उसका भुगतान किया। उन्होंने वैयक्तिक कार्य के लिए भी नौ महीने में मात्र 57 हजार 170 रुपये खर्च किए हैं। जबकि पूर्व के कुलपतियों का वैयक्तिक स्टाफ तथा निवास पर होने वाला खर्च कई गुना है। पीआरओ ने बताया कि कुलपति के लिए गाड़ी भी डीजल चालित एसयूवी खरीदी गई है। ताकि, उनके सहयोगी भी साथ जा सकें। अलग से व्यवस्था न करनी पड़ी। प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि पूर्व में कई विशेष कार्याधिकारी नियुक्त थे। कुलपति ने उनमें से आठ की नियुक्ति निरस्त की। कार्यपरिषद के आदेश पर 52 कर्मचारियों की नियुक्त निरस्त की। उनके कार्यकाल में अतिआवश्यक नियुक्तियां की गई हैं। सभी नियुक्तियां विज्ञापन देकर चयन समिति बुलाकर की गईं। इसके अलावा सभी नियुक्तियां अस्थाई भी हैं। रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति की गई लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया। ऐसे में नियुक्ति में धांधली का आरोप निराधार है। अध्यापकों और कर्मचारियों की वरिष्ठता क्रम में परिवर्तन पर पीआरओ का कहना था कि विश्वविद्यालय में इसे लेकर ढेरों शिकायतें हैं। विधिक सलाह के बाद कुछ शिकायतों का निपटारा किया गया। इसमें अपूर्ण रिकार्ड की वजह से त्रुटिपूर्ण नियुक्ति हो गई लेकिन विकल्प सदैव खुले हैं। उसमें संशोधन किया जा रहा है।
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उधर, कुलपति केे समर्थन में कई संगठन भी आ गए हैं। इलाहाबाद नागरिक मंच से जुड़े बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष वीसी मिश्रा, प्रोफेसर दीना नाथ शुक्ला, डॉ.अनुपम आनंद, डॉ.रमा सिंह, डॉ.एलएस ओझा, डॉ.नीरज अग्रवाल, डॉ.संतोष सिंह, रंजीत सिंह, पदुम जायसवाल, समाजसेवी सुधीर सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर कुलपति के सभी फैसलों को जायज ठहराया। उन्होंने कुलपति की उपलब्धियां भी गिनाईं। भारत उदय सेवा संस्थान की बैठक में भी विश्वविद्यालय और कालेजों में सुधार के लिए कुलपति के प्रयास की सराहना की गई। बैठक में डॉ.रमा सिंह, राम प्रसाद यादव, आनंदजी टंडन, विकास चंद्र त्रिपाठी, लता उपाध्याय, लल्लूराम जैसवार आदि मौजूद रहे।
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